संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट भी बढ़ता जा रहा है। नहर में पानी नहीं आने से जलघर सूख गए हैं। इस कारण घरों में मुश्किल से एक ही समय पानी सप्लाई हो पा रहा है। सोमवार को जेएलएन नहर में 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दो दिन बाद नलों में दो समय पानी सप्लाई की आस बंधी है। फिलहाल नहर में पानी का बहाव कम है। इस कारण पंपसेट व मोटरों के जरिए नहर से पानी लिया जा रहा है। जलघर में पहुंचने व फिल्टर करने के बाद पानी सप्लाई हो पाएगा। इस प्रक्रिया में दो दिन का समय लगने का अनुमान है।
शहर में करीब 17 दिन से पेयजल संकट गहराया हुआ हुआ। बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) में 200 क्यूसेक व जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर में सोमवार को पानी आने से जनस्वास्थ्य विभाग व शहरवासियों ने राहत की सांस ली। जेएलएन नहर में करीब 3000 क्यूसेक पानी की मांग है, जबकि नहर में करीब 1200 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया है। अभी 1800 क्यूसेक कम पानी जेएलएन नहर में छोड़ा गया है। नहर में जलघरों की पाइपलाइन के लेवल तक पानी नहीं पहुंचा था, जिस कारण सोमवार देर शाम तक भी जलघरों में पूरी क्षमता के साथ पानी नहीं पहुंचा।
वहीं, जनस्वास्थ्य विभाग को पंपिंग मोटरों से पानी उठाना पड़ा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जलघरों के तालाबों में पानी न के बराबर है। भले ही नहरी पानी आ गया हो, लेकिन तालाबों की क्षमता और शहर की मांग के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं है। शहर में अभी दोनों समय जलापूर्ति नहीं की जाएगी। फिलहाल एक समय ही पानी की आपूर्ति की जाएगी।
ये कॉलोनियां हैं प्रभावित
कई कॉलोनियों में पानी का प्रवाह कम है, इस कारण कई दिन से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत से खोखराकाेट क्षेत्र, रैनकपुरा, माता दरवाजा क्षेत्र, पाड़ा मोहल्ला, आदर्श नगर, गांधी कैंप, प्रीत विहार व आंबेडकर कॉलोनी सहित कई इलाके के लोग पूरी तरह से प्रभावित हैं। इन इलाकों में पानी नहीं पहुंच रहा है या फिर 15-20 मिनट ही पानी मिल रहा है। साथ ही, सोमवार को बस अड्डा क्षेत्र में पानी की किल्लत रही
30 के बाद दो समय पानी मिलने के आसार
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी से दो समय पानी की सप्लाई देना कठिन है। करीब दो-तीन दिन में तालाबों में पानी की क्षमता बढ़ जाएगी। जलघर-1 में पानी अभी पूरी तरह नहीं पहुंचा है। साथ ही, जलघर दो व तीन में भी दो-दो तालाब खाली हैं, जिन्हें नहरी पानी रहते हुए भरना भी जरूरी है। ऐसे में 30 अप्रैल के बाद ही दो समय पानी की सप्लाई शुरू की जा सकेगी। हालांकि, नहर में पानी के प्रवाह में तेजी आती है तो तालाबों की क्षमता बढ़ने पर दो समय पानी की सप्लाई कर दी जाएगी।
जलघरों के तालाबों में पानी की क्षमता कम है। जैसे ही तालाबाें में पानी की क्षमता बढ़ जाएगी, वैसे ही दो समय सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
- अनिल रोहिला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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नहर में पानी आ गया है। जेएलएन फीडर की मांग 3000 क्यूसेक है। शहर के लिए नहर में 1200 क्यूसेक पानी पहुंच चुका है।
- रामनिवास, एक्सईएन, जेएलएन फीडर।
28सीटीके03 जेएलएन नहर में पहुंचा पानी। संवाद
28सीटीके03 जेएलएन नहर में पहुंचा पानी। संवाद