सेना स्कूल में बेटे को पढ़ाने व सेना में होने का लाभ दिलाने के लिए फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। इस काम में लाखनमाजरा के दो पूर्व सरपंचों समेत सात लोगाें ने फर्जी विवाह व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर घालमेल किया। सैनिक व उसकी पत्नी की हत्या के बाद सेना की ओर से की गई जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसमें लाखनमाजरा के पूर्व सरपंच जगपाल, धूप सिंह, रणबीर राठी, उसकी पत्नी कमला, उसके बेटे अनिल, अनिल की पत्नी सोनिया उर्फ रानी, अनिल के भाई संजय राठी का नाम सामने आया। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
दादरी के समसपुर की रेणु ने महिला आयोग को शिकायत दी है। इसमें कहा गया है कि उसकी बहन स्वर्गीय निको रानी की शादी वर्ष 2013 में सेना के जवान सुनील राठी से हुई। इस शादी से उसकी बहन को एक लड़की पैदा हुई। बाद में निको रानी की हत्या हो गई। इसके कुछ दिन बाद ही उसके पति सुनील राठी की भी हत्या हो गई। हत्या की जांच से संबंधित केस पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट चंडीगढ़ में भी विचाराधीन है। सुनील की मौत के बाद सेना के अधिकारी उनके पिता के पास आए और उन्होंने परिवार व बच्चों की जानकारी जुटाई। पिता ने सेना अधिकारियों को निको रानी व सुनील राठी की एक बेटी युविका के बारे में जानकारी दी। सेना अधिकारियों ने उनके पिता को बताया कि सेना के रिकार्ड में सुनील राठी के दो बच्चे दर्ज हैं। इस पर पिता को गड़बड़ी का अंदेशा हुआ।
आरटीआई एक्ट के तहत सूचना लेने के लिए एक शिकायत अभिलेख कार्यालय, बिग्रेड ऑफ दी गार्ड्स मार्फत 56 एपीओ को दी। सूचना से पता चला कि सेना के रिकार्ड के अनुसार सुनील राठी ने दो शादियां कर रखी थी। उसके दो बच्चे रिकार्ड में दर्ज पाए गए। सुनील ने निको रानी के अलावा एक अन्य महिला से शादी की थी। उसका दूसरी महिला के साथ फोटो भी मिला। यह महिला अपना नाम बदलकर रह रही है। सुनील राठी ने पूर्व सरपंच धूपसिंह के साथ मिलकर धोखाधड़ी करते सोनिया नाम की महिला की शादी उसके साथ होने का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर दिया। इसके बाद सरपंच बने जगपाल ने सोनिया का मृत्यु प्रमाण पत्र बतौर सरपंच तसदीक किया। जबकि यह महिला अभी जिंदा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि सुनील राठी ने उसकी बहन के अलावा केवल एक शादी जींद की लड़की से की थी। बाद में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद वर्ष 2013 में सुनील की शादी नीको रानी से हुई। सोनिया ने अपने बेटे को सुनील का बताते हुए फर्जी दस्तावेज के आधार पर आर्मी स्कूल में दाखिला दिलवाया। सेना की जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। जांच के बाद इस लड़के को बतौर सुनील का बेटा सेना के रिकार्ड से अयोग्य घोषित कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, लाखनमाजरा के पूर्व सरपंच जगपाल, धूप सिंह, रणबीर राठी, उसकी पत्नी कमला, उसके बेटे अनिल, अनिल की पत्नी सोनिया उर्फ रानी, अनिल के भाई संजय राठी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।