अमर उजाला इम्पैक्ट........24 अगस्त को छपी खबर का ईपीएस लगाया जाए
फ्लैग : विकास कार्यों में गड़बड़ियों पर जिला उपायुक्त ने लिया संज्ञान
हेडिंग : जींद रोड, पाड़ा मोहल्ला स्कूल व पहरावर पार्क निर्माण की होगी विजिलेंस जांच
: एडीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में जिला विजिलेंस कमेटी करेगी पड़ताल
: डीसी ने अमर उजाला की खबर पर लिया संज्ञान, बोले भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
: निगम प्रशासन व शिक्षा विभाग से मांगा जाएगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भ्रष्टाचार को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। पब्लिक द्वारा अमर उजाला के माध्यम से उजागर किए गए तीन मामलों की जिला विजिलेंस कमेटी जांच करेगी। इनमें दो मामले नगर निगम और एक शिक्षा विभाग से संबंधित है। मंगलवार को जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने मीडिया के सामने इस बात का खुलासा किया।
अमर उजाला ने अगस्त में खुलासा किया था कि निगम की तरफ से तीन साल से पहरावर गांव में थाऊ वाले तालाब के किनारे पार्क का निर्माण करवाया जा रहा है। रिकार्ड के मुताबिक निगम ठेकेदार को एक बार 40, दूसरी बार 30 व तीसरी बार 9 लाख रुपये का टेंडर दे चुका है। 79 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद पार्क के अंदर बारिश में एक फीट तक पानी भर गया। जब नगर निगम के एक्सईएन मंजीत दहिया से बात की तो बोले, ठेकेदार को बोल कर पानी निकलवा देता हूं। जांच के नाम कुछ नहीं किया। जबकि दूसरा मामला, जींद चौक से माता दरवाजा तक सड़क निर्माण का है। पांच अगस्त को भाजपा के वार्ड नंबर 3 के प्रभारी अनिल भुटानी ने निगम के जेई राजकुमार को सूचना दी गई कि ठेकेदार नॉन मार्का टाइल लगा रहा है। जबकि टेंडर के अंदर आईएसआई मार्का टाइल लगाना अनिवार्य किया हुआ है। जेई राजकुमार ने मौके पर जाकर सैंपल लेने की बजाए कहा, ठेकेदार गलती से नॉन मार्का टाइल ले आया। उनको वापस उठवा दिया है। निगम आयुक्त व संयुक्त आयुक्त तक मामला पहुंचने के बाद भी किसी ने मौके पर पहुंच की नॉन मार्का टाइल के सैंपल नहीं लिए। इसका फायदा उठाकर ठेकेदार ने नॉन मार्का टाइल गायब कर दी, उनकी जगह आईएसआई मार्का टाइल लगा दी। जबकि तीसरा मामला, शिक्षा विभाग की तरफ से पाड़ा मोहल्ले में मुक्ति धाम के पास सरकारी स्कूल बनाने का है। स्कूल निर्माण में खराब ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस पर लोगों ने मौके पर आए एसडीओ अशोक कादियान को घेर लिया। पूछा कि तीन माह से आपको बता रहे हैं कि खराब ईंट मत लगवाओ। एसडीओ बोला, अभी बंद करवा देता हूं। तभी लोगों ने आरोप लगाया कि एसडीओ भी रात को सीमेंट ले जाते हैं। एसडीओ ने मना कर दिया। मजार के सामने ले गए तो बोला, सैंपल के लिए दिन में थोड़ी सीमेंट ले गया था। अब एसडीओ कह रहे हैं कि ठेकेदार को नोटिस दे दिया है। दो दिन अंदर खराब ईंटे वापस ले जाए। अब अधिकारी ईंटों के सैंपल क्यों नहीं ले रहे, यह समझ से बाहर है।
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डीसी ने लिया संज्ञान, मांगा जाएगा निगम व शिक्षा विभाग से जवाब
भ्रष्टाचार को लेकर सरकार बेहद सख्त है। किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तीनों मामलों की जिला विजिलेंस कमेटी एडीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में जांच करेगी। इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही नगर निगम व जिला शिक्षा विभाग से भी जवाब मांगा जाएगा।
-डॉ. यश गर्ग, जिला उपायुक्त