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मेडिकल कॉलेज के अटके निर्माण पर भाजपा विधायक बोलीं : घोषणा से कुछ नहीं होता, ईंट-पत्थर लगें तो बात बने

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
मुख्यमंत्री द्वारा तीन साल पहले जींद में की गई मेडिकल कॉलेज की घोषणा अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। इससे विरोधियों के साथ-साथ अब अपनों ने भी इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को एक कार्यक्रम में पहुंची उचाना कलां से भाजपा विधायक प्रेमलता ने खुद कहा कि यहां सिर्फ मेडिकल कॉलेज की घोषणा हुई है। घोषणा से कुछ नहीं होता, ईंट-पत्थर लगें तो बात बने । वहीं हैबतपुर गांव की पंचायत द्वारा दी गई जमीन पर काम शुरू नहीं होने से गांव की पंचायत भी खफा है। गांव की पंचायत का कहना है कि यदि सरकार यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण नहीं करवा रही है तो जमीन पंचायत को वापस दी जाए।
दरअसल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासन को जमीन कमी आड़े आई तो हैबतपुर गांव की पंचायत ने करीब 24 एकड़ जमीन सरकार को दे दी। अब दो साल से यह जमीन भी बेकार पड़ी है। वहीं गांव की जमीन खाल रहने से पंचायत में भी रोष है। पंचायत का कहना है कि प्रति एकड़ एक साल का करीब 50 हजार रुपये ठेका मिलता था। इससे पंचायत को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं दूसरी फसल का भी समय आ रहा है, लेकिन अभी तक यहां काम शुरू नहीं हुआ है। मेडिकल कॉलेज में हो रही देरी के कारण पंचायत को हर साल करीब 50 लाख रुपये को घाटा उठाना पड़ रहा है। कुल मिलाकर अब तक ग्राम पंचायत को करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। मेडिकल कॉलेज का काम शुरू नहीं होने पर विधायक प्रेमलता ने कहा कि शिलान्यास होने पर ही काम शुरू होता है। जैसे देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-पटियाला राजमार्ग का शिलान्यास किया था। इसके बाद इस पर काम तेजी से चला है।
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केंद्रीय मंत्री से करवाएंगे शिलान्यास
ब्राह्मण धर्मशाला के कार्यक्रम में पहुंची विधायक प्रेमलता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए उनकी बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से हुई है। उन्हीं से शिलान्यास करवाएंगे, वे भी ब्राह्मण हैं।

जीमन के अभाव में लटकी थी परियोजना
मेडिकल कॉलेज की परियोजना पहले जमीन के अभाव में लटकी रही। दरअसल मेडिकल कॉलेज के लिए 300 बेड का अस्पताल चाहिए होता है, लेकिन जींद में पहले 100 बेड का ही अस्पताल था। वहीं 100 बेड का अतिरिक्त अस्पताल भी अब शुरू हो चुका है। ऐसे में मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च विभाग ने वर्तमान अस्पताल के स्थान पर ही कॉलेज बनाने की योजना बनाई थी। मेडिकल कॉलेज के लिए एक शर्त यह भी है कि कम से कम 30 एकड़ जमीन हो, लेकिन अस्पताल की जगह जमीन कम थी। ऐसे में अस्पताल के साथ-साथ हैबतपुर गांव में भी परिसर तैयार करने की योजना बनाई गई। मेडिकल कॉलेज के लिए हैबतपुर गांव की पंचायत ने मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च विभाग को जमीन 33 साल के लिए लीज पर दी है।
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चारदीवार की बनी योजना
मेडिकल कॉलेज की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल इसकी चारदीवारी के लिए योजना बनाई गई है। इसके लिए जल्द ही टेंडर करवाए जांगे। इसके बाद जैसे ही आगे के आदेश आएंगे, प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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नवतीन नैन, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।

पंचायत को रखा धोखे में
इस परियोजना को लेकर सरकार ने पंचायत को धोखे में रखा है। यहां अभी मेडिकल कॉलेज का काम ही शुरू नहीं होना था तो पंचायत से जमीन भी अभी नहीं लेनी चाहिए थी। सरकार इस परियोजना में देरी कर रही है। इससे गांव के लोगों में रोष है। जब तक यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं हो जाता जमीन गांव की पंचायत को बिजाई के लिए दी जाए, ताकि विकास कार्य बाधित नहीं हों।
कश्मीरो देवी, सरपंच
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