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फ्लैग : अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति कर रहे अधिकारी
हेडिंग : शहर में 52 मार्केट प्रधान, 20 को बुलाया, 10 आए और हो गई मीटिंग
- मार्केट प्रधान बोले, चहेते व्यापारी नेता नहीं हटवा पाएंगे अतिक्रमण
- निगम प्रशासन न बरते भेदभाव, हम भी सहयोग करने को तैयार
- अधिकारी बोले, 10 के माध्यम से ही पहुंच जाएगा संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एक तरफ जहां शहर में बाजारों के अंदर अतिक्रमण की मार है, दूसरी तरफ अधिकारी खानापूर्ति करने में जुटे हैं। आलम यह है कि समस्या के समाधान के लिए 52 मार्केट प्रधानों में से मात्र 10 व्यापारी नेताओं से मीटिंग करके 14 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दे दिया गया। ऐसे में जो मार्केट प्रधान व व्यापारी नेता मीटिंग में नहीं बुलाए गए, वे निगम का कितना सहयोग करेंगे, यह तो अधिकारी ही बता पाएंगे।
शहर में अतिक्रमण काफी पुरानी समस्या है। खासकर पुराने शहर के अंदर पुराना बस स्टैंड से लेकर दुर्गा भवन मंदिर, माल गोदाम रोड, भिवानी स्टैंड, शौरी मार्केट, किला रोड, रेलवे रोड, शांतमई चौक, गोहाना अड्डा व सुभाष रोड पर अक्सर जाम लगा रहता है। एलिवेटिड रोड के निर्माण कार्य के चलते समस्या और ज्यादा गहराई हुई है। तीन माह पहले रेलवे रोड भाजपा पार्षद अजय जैन उर्फ टाटू प्रकरण के बाद तो निगम प्रशासन ने भी अतिक्रमण से हाथ पीछे खींच लिए थे। तभी से अतिक्रमण हटाओ अभियान ठंडे बस्ते में पड़ा था। निगम हाउस की मीटिंग में भी मामला उठा। अब निगम प्रशासन हरकत में आया है, लेकिन चंद व्यापारी नेताओं को बुलाकर मीटिंग करने से अभियान कामयाब हो पाएगा। इसमें संदेश है।
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खानापूर्ति कर रहा निगम : भुटानी
शहर के अंदर 52 से ज्यादा मार्केट एसोसिएशन है, लेकिन निगम ने मात्र 10 मार्केट प्रधानों को बुलाकर खानापूर्ति कर ली। ऐसी स्थिति में निगम कैसे अतिक्रमण हटाएगा। राजनीति से ऊपर उठकर निगम को आगे कदम उठाने चाहिए।
राजू भुटानी, प्रधान रोहतक टाइल्स, मार्बल एवं टेडर्स एसोसिएशन
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मुझे कोई सूचना नहीं दी गई। शहर से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होनी। लगता है निगम प्रशासन ने अपने चहेते व्यापारी नेताओं को बुलाकर खानापूर्ति कर दी।
गुलशन ईशपुनियानी, प्रधान शौरी मार्केट एसोसिएशन
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निगम प्रशासन भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहा है। उन्हें विपक्ष का व्यापारी नेता माना जाता है। इस कारण मीटिंग में बुलाया ही नहीं गया। ऐसी स्थिति में कैसे शहर स्वच्छ व अतिक्रमण मुक्त होगा, यह तो अधिकारी ही बता सकते हैं।
गुलशन डंग, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल
वर्जन
निगम प्रशासन अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर है। 20 व्यापारी नेताओं को फोन करके बुलाया गया था, जिसमें से 10 आए। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। निगम ने शहर के व्यापारियों को संदेश देने के लिए मीटिंग की थी। उक्त मीटिंग के माध्यम से संदेश पहुंच जाएगा।
आनंद मित्तल, एलओ नगर निगम