फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेयजल की समस्या पर घिलौड़ कलां के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

विज्ञापन
विज्ञापन
आश्वासन के बाद भी नहीं मिला पानी तो जल घर पर जड़ा ताला, रोका रोहतक-पानीपत रेलमार्ग
विज्ञापन

- दो घंटे रुकी रही पानीपत पैसेंजर, रेलवे द्वारा अज्ञात लोगों पर यातायात बाधित करने का केस दर्ज कराया

फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। घिलौड़ कलां के ग्रामीणों को आश्वासन के बाद भी जब पानी नहीं मिला तो ग्रामीणों ने बुधवार को गांव के जल घर पर ताला जड़ दिया। जब मौके पर पुलिस समझाने पहुंची तो दोनों पक्षों में बहस हो गई। इसके बाद ग्रामीण सीधे रोहतक-गोहाना-पानीपत रेलवे ट्रैक पर जाकर बैठ गए। इसके चलते सायं रोहतक-पानीपत सवारी गाड़ी तकरीबन दो घंटा लेट हो गई। जब एसडीएम ने मौके पर जाकर ग्रामीणों को समझाया तब वह रेलवे ट्रैक से हटे।

घिलौड़ कलां के ग्रामीणों द्वारा मंगलवार को प्रदर्शन करने पर उन्हें बुधवार को पानी मिलने का आश्वासन दिया गया था। पब्लिक हेल्थ विभाग की ओर से मिले आश्वासन के बावजूद बुधवार को भी पानी न मिलने से खफा हो कर ग्रामीणों ने जलघर पर ही ताला जड़ दिया। शाम तीन बजे से छह बजे तक ग्रामीणों ने ताला जड़ कर वहीं विरोध प्रदर्शन किया। पहले पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, बाद में एसएचओ सदर मंजीत मोर भी ग्रामीणों को समझाने पहुंच गए। इस बीच ग्रामीणों की पुलिस अधिकारी से कहासुनी हो गई।
विज्ञापन


पुलिस अधिकारी पर धमकी देने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने उनको कानून की धमकी दी, जबकि यह कोई नहीं देख रहा कि वह कितने दिनों से प्यासे हैं। इसके विरोध में सभी ग्रामीण जसिया और रूखी के बीच जा कर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। तकरीबन दो घंटा इसके चलते रोहतक से पानीपत जाने वाली सवारी गाड़ी भी बाधित हो गई। हंगामे की सूचना पर मौके पर एसडीएम राकेश कुमार भी पहुंचे और ग्रामीणों को समस्या का समाधान जल्द कराने का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक को खाली किया।

दो दिन की दी मोहलत
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि दो दिन में उनकी पेयजल की समस्या का समाधान नहीं होता तो वह विरोध प्रदर्शन करने को फिर मजबूर होंगे। गौरतलब है कि घिलौड़ कलां के ग्रामीण मंगलवार को अपनी पेयजल की समस्या को लेकर उपायुक्त और पब्लिक हेल्थ विभाग के अधीक्षण अभियंता से मिले थे। यहां ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा था कि जल घर का ठेकेदार दावा करता है कि तीन दिन में पानी दिया जाता है, जबकि पानी सात से आठ दिन बाद ही पानी दिया जाता है, वह भी गंदा आता है। ठेकेदार कार्यकारी अभियंता, उप मंडल इंजीनियर व कनिष्ठ इंजीनियर की आंखों में धूल झोंक रहा है। पांच मई 2018 को कैनाल रेस्ट हाउस में भी ग्रामीणों ने सीएम के समक्ष वह पानी की समस्या और स्कूल के नौ कमरों की समस्या को रख चुके हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

बोले अधिकारी
बिजली की मोटर जलने से पेयजल सप्लाई में समस्या हो रही थी। उसे सही करा दिया गया है, बुधवार को बिजली आने के बाद पानी की सप्लाई दे दी गई है। ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके लिए वीरवार को भी मौके पर अधिकारी को जाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन

- भानू प्रताप, कार्यकारी अभियंता, पब्लिक हेल्थ

चार बार मिला सीएम से फिर भी नहीं मिला पानी : सरपंच
मैं ढाई साल से गांव का सरपंच हूं और गांव की पेयजल समस्या को लेकर चार बार सीएम से मिल चुका हूं। सीएम ने हर बार कहा कि घिलौड़ को पानी मिलना चाहिए चाहे खेतों को पानी मिले या नहीं। इसके बावजूद आज तक ग्रामीणों को पानी नहीं मिला है। पिछले दिनों गांव में उपायुक्त और पुलिस कप्तान भी आए थे तो सभी ने एक स्वर में सिर्फ पीने को पानी मांगा था। दोनों अधिकारियों ने इस समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था। अब वर्तमान के उपायुक्त से भी तीन बार मिल चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। इसके विरोध में वीरवार को गांव की औरतों ने जल घर पर ताला जड़ दिया। उस समय मैं रोहतक था, मेरे पास फोन आया तो मुझे गांव आना पड़ा। इसी दौरान गांव में एसएचओ मंजीत भी पहुंच गए तो महिलाओं ने पुलिस अधिकारी को कहा कि उनकी पानी की समस्या का समाधान करवाओ नहीं तो वह सड़क पर जाम लगा देंगे। इस पर अधिकारी ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि वह यदि सड़क पर गए तो उन पर मुकदमा दर्ज कर देंगे। इस बात पर ग्रामीण भड़क गए और जा कर रेलवे ट्रैक पर जाम लगा दिया।
- बलवान रंगा, सरपंच, ग्राम पंचायत घिलौड़ कलां
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें