फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वार्ड-12 का पहला पार्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
पुराना वार्ड-12
विज्ञापन

-------
पांच वर्ष में लोगों को पानी मिला नहीं, बिजली भी अब घंटों रहती है गुल
- वार्ड-12 के लोगों के लिए पानी सबसे बड़ी दिक्कत, पार्षद बोले सरकार से नहीं मिला विकास में सहयोग
- लोगों का कहना कि एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू होने के साथ ही गलियों में जाम लगने लगा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पांच वर्ष बीत गए और नगर निगम के पार्षद का कार्यकाल भी पूरा हो गया, लेकिन वार्ड-12 के लोग आज भी पानी के तरस रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब हालात यह हो गए हैं कि बिजली भी दो से तीन घंटे के लिए दिन में कई बार जाती है। पार्षद का कहना है कि उन्हें वार्ड के विकास में सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। जो भी विकास कार्य कार्य कराए, सिर्फ अपने स्तर पर ही कराए हैं।
वार्ड के चार पार्कों का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण किया गया। वहां लोगों के बैठने के लिए भी व्यवस्था की गई है, जिससे लोग पार्क में वक्त गुजार सकें। वार्ड के लोगों को अमृत योजना से सीवर लाइन और पेयजल लाइन बिछने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन वह हुआ ही नहीं है। योजना के तहत काम होगा, बस लोगों को यही सुनने को मिला। गालियां संकरी हैं और एलिवेटेड रोड के निर्माण के बाद से वहां जाम लगने लगा। जिससे लोगों की दिक्कत बढ़ गई। इसके साथ ही पूरे वार्ड में शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका। पार्षद का कहना है कि शौचालयों के निर्माण के लिए जगह ही नहीं मिली। लोगों ने बताया कि पानी दो से तीन हफ्ते में आता है, जिससे दिक्कत बढ़ती ही जा रही है। बारिश का पानी निकलने के लिए लगा ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो चुका है। गीता कॉलोनी के पास अंडरपास बना है, जहां बारिश का पानी भरा रहा है, इससे पूरी कालोनी के करीब 30 हजार लोगों के निकलने का रास्ता बंद हो जाता है।
विज्ञापन


पुराने वार्ड-12 से कटकर बने वार्ड-15 और 16
पुराने वार्ड-12 में बस्तीपुरा, रविदास नगर, शास्त्री नगर, घन्नीपुरा, शिवम कॉलोनी, जगदीश कॉलोनी, प्रताप नगर, हरि नगर, संत नगर, ग्रीन रोड आदि कॉलोनिया थीं, अब नई वार्ड बंदी के तहत बस्तीपुरा, संतनगर और हरिनगर का आधा भाग अब वार्ड-16 हो गया है, जबकि बाकी कॉलोनियां वार्ड-15 में हैं।

ये काम कराए
- चार पार्कों का निर्माण कराया। केशव पार्क, नेहरा पार्क, शिवम पार्क और आर्य पार्क।
- पार्कों में गजेबो का निर्माण कराया, जहां लोग बैठकर बात कर सकें।
- पार्कों में टाइल्स लगवाईं, फुटपाथ बनवाए, पेंट कराया।
- सड़कों की मरम्मत कराई, गलियों का निर्माण कराया।

ये काम नहीं करा सके
- जगदीश कॉलोनी में पानी की पाइपलाइन डालने की योजना मंजूर, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।
- बस्ती पुरा में सीवर लाइन डालने की योजना मंजूर, लेकिन इसकी शुरुआत नहीं हुई।
- वार्ड में जगह की कमी, शौचालयों का निर्माण नहीं किया जा सका।
- वार्ड में बिजली दो से तीन घंटे के लिए दिन में करीब तीन बार जाती है।
- पीने के पानी की दिक्कत दूर नहीं हुई, पानी की पाइपलाइन ही नहीं बिछ सकी।

बोले पार्षद
वार्ड के विकास में वित्तीय मदद कांग्रेस सरकार में ही मिली, लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद से सारे काम ठप पड़ गए। बिजली मिलनी बंद हो गई, पानी की समस्या पैदा हो गई। यहां तक कि बारिश के पानी की निकासी भी बंद हो गई। एलिवेटेड रोड का काम शुरू किया गया, जिसके वजह से वार्ड की संकरी सड़कों पर बारिश के पानी की निकासी ही बंद हो गई। वार्ड मेें तो भी विकास कार्य कराए अपने बलबूते पर कराए, इसमें सरकार का कोई सहयोग नहीं मिला।
- गुलशन ईशपुनियानी, निवर्तमान पार्षद, वार्ड-12

बोले लोग
न पानी आता है न बिजली। वार्ड में पीने के पानी के लिए लोगों को काफी दूर जाना पड़ता है, काफी मेहनत के बाद लोग प्यास बुझा पाते हैं। सरकार कुछ करती ही नहीं है।
- शमशेर सिंह

वार्ड में पानी की समस्या सबसे बड़ी है। पानी की लाइन अगर बिछाई दी गई होती तो लोगों की समस्या हल हो जाती। अमृत योजना की बात की जाती है, लेकिन दो साल से सिर्फ योजना के बारे में सुन ही रहे हैं। - सोमनाथ विरमानी

वार्ड की सड़कों पर जाम की समस्या बढ़ती जा रही है, जिसकी ओर ध्यान नहीं दिया गया। गलियां संकरी होने की वजह से वार्ड के लोगों को आने और जाने में दिक्कत होती है।
- हरिओम

पुलिस की गश्त नहीं है। वार्ड की सभी कॉलोनियों में पुलिस की गश्त होनी चाहिए। इसके साथ ही वार्ड में जाम की दिक्कत है और पानी की सुचारु आपूर्ति नहीं होती है।
विज्ञापन

- मदनमोहन

वार्ड में पानी ही सबसे बड़ी समस्या है। पीने के पानी के लिए लोगों को दो से तीन हफ्ते तक इंतजार करना पड़ता है, यह समस्या दूर होनी चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिले।
- नंद किशोर कपूर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें