मुख्य सुरक्षा अधिकारी को हटाने की मांग पर गैर शिक्षक कर्मचारी एसोसिएशन हड़ताल पर
मरीजों की रुकी जांच और ऑपरेशन थियेटर रहे बंद
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस में बुधवार को मुख्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर शर्मा को हटाने की मांग पर अडे़ गैर शिक्षक कर्मचारी एसोसिएशन ने सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इसके चलते क्लास तीन व चार के नियमित कर्मचारियों ने कार्य नहीं किया। कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर मरीजों की जांच पर पड़ा। इसके साथ ही सबसे अहम मरीजों के आपरेशन रुक गए। यहीं नहीं मरीजों को ओपीडी में जांच कराने के लिए भी घंटों लंबा इंतजार करना पड़ा।
अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांग में मुख्य सुरक्षा अधिकारी को हटाना, वर्ष 2014 में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में पॉलिसी की तहत कच्चे से पक्के हुए कर्मचारियों के समर्थन में संस्थान की ओर से पैरवी करने की मांग है। अपनी मांगों को लेकर बुधवार को विजय पार्क में कर्मचारियों ने दिन भर नारेबाजी की। इसके साथ ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्यवाहक कुलपति डॉ. रोहतास यादव को ज्ञापन सौंप कर अपनी मांगों से अवगत कराया है। प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि कर्मचारी बंसीलाल के साथ मुख्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर शर्मा और उनके कर्मियों ने मारपीट की थी। इसके विरोध स्वरूप पहले भी उन्होंने मुख्य सुरक्षा अधिकारी को हटाने की मांग की थी। इस दौरान प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी और मुख्य सुरक्षा अधिकारी को फोर्स लीव पर भेज दिया था। कमेटी जांच में मुख्य सुरक्षा अधिकारी को बेकसूर बताया गया, इस पर एसोसिएशन को आपत्ति है।
आपातकालीन सेवाएं छोड़ कर सभी कार्य प्रभावित
गैर शिक्षक कर्मचारी एसोसिएशन की हड़ताल के चलते आपातकालीन सेवाओं को छोड़ कर अन्य सभी कार्य प्रभावित रहे। कई स्थानों पर कांट्रेक्ट के कर्मचारियों के सहारे कार्य चलाया गया। प्रधान सुरेश ने बताया कि बुधवार को आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया गया। लेकिन यदि प्रशासन उनकी मांग नहीं मानता तो वह आपात कालीन सेवाओं को भी नहीं चलने देंगे।
जांच कराने को भटकते रहे मरीज
पीजीआइएमएस में उपचार के लिए आए मरीज हड़ताल के चलते जांच कराने के लिए भटकते रहे। मरीजों के सैंपलों की जांच न तो अंदर हो पाई और न ही निजी मेडिकल स्टोर पर हो पाई। ऐसे मेें मरीजों ने रोष जताते हुए कहा कि वह दूर-दराज से आए हैं अब उन्हें फिर आना पडे़गा। गौरतलब है कि निजी लैब तकनीशियन काउंसिल बनाने और जांच रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने की अनुमति को लेकर विरोध कर रहे हैं।
ओपीडी कार्ड बनवाने में होती रही समस्या
संस्थान में जांच कराने आए मरीजों को ओपीडी कार्ड बनवाने के लिए मुसीबत झेलनी पड़ी। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ओपीडी काउंटर, जांच रिपोर्ट देने वाले कर्मचारियों की संख्या में काफी कमी रही। सारा कार्य कच्चे कर्मचारियों के भरोसे चलाया गया। इसका नतीजा यह रहा कि मरीजों को कार्ड बनवाने के लिए ही घंटों इंतजार करना पड़ा।
लंबे समय बाद आया नंबर, फिर भी राहत नहीं
बुधवार को आपरेशन रद होने से परेशान मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि लंबे समय बाद आपरेशन की डेट मिली है। इसके बाद सारी जांच पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने आपरेशन की डेट दी, अब आपरेशन नहीं हो रहा। बता रहे हैं ओटी तकनीशियनों के हड़ताल पर होने के चलते आपरेशन नहीं हो पाएंगे। सूत्रों ने बताया कि जिन मरीजों का आपरेशन शुरू हो चुका था, उनका ही आपरेशन किया गया है। वहीं कुछ विभागों के ओटी में एक भी आपरेशन नहीं हुआ। इस संबंध में जब प्रशासन से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने यह कहते हुए हाथ खडे़ कर दिए कि डाटा एकत्रित करने वाला स्टाफ भी हड़ताल पर था। सूत्रों ने बताया कि चिकित्सा अधीक्षक की ओर से दोपहर सभी विभागाध्यक्षों से हड़ताली कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई थी। मंजू, सुनीता, नेहा, रणबीर, भतेरी ने बताया कि संस्थान में डॉक्टरों व कर्मचारियों की शिकायत करना भी मुसीबत भरा है। परेशान होकर भी मरीज के घरवाले शिकायत नहीं कर सकते हैं। हड़ताल करने वालों को क्या पता मरीज व उनके परिवार पर क्या बन रही है।
हड़ताली कर्मचारियों का दावा अभी और तेज होगी हड़ताल
प्रधान सुरेश व पूर्व प्रधान तारीफ सिंह नांदल ने विजय पार्क में हड़ताल कर्मचारियों को बताया कि वह कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। प्रशासन सरकार के इशारे पर जिन कर्मचारियों को हटाना चाह रही है, वह उनके साथ हैं। इसके साथ ही वह मुख्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर शर्मा व उनके सहयोगियों द्वारा कर्मचारी के साथ की गई मारपीट के खिलाफ हैं। जब तक उनकी दोनों मांगों को नहीं माना जाता वह हड़ताल समाप्त करने वाले नहीं है। वीरवार से हड़ताल को और तेज किया जाएगा, इसकी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी।
सुरक्षा के लिहाज से तैनात किया दंगा निरोधी दस्ता
कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन की ओर से विजय पार्क के आसपास दंगा निरोधी दस्ता तैनात किया गया था। प्रशासन ने पूरी नजर बनाए हुए थी कि कर्मचारी कहीं आक्रोश में आ कर कोई हंगामा न कर दें।
मरीजों के हित को ध्यान में रखकर न करें हड़ताल : डीन
डीन डॉ. रोहतास यादव ने हड़ताली कर्मचारियाें से कहा है कि प्रशासन सहानुभूति पूर्वक कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही सरकार से भी उनकी मांगों की सिफारिश की है। एसोसिएशन की जायज मांगों को माना जाएगा। इसलिए सभी हड़ताली कर्मचारी मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए वापस कार्य पर लौट जाएं।
वेतन को लेकर निजी सुरक्षा गार्डों ने भी जताया विरोध
बुधवार को वेतन संबंधी समस्याओं को लेकर पीजीआइएमएस के निजी सुरक्षा गार्ड भी कुलपति कार्यालय पहुंच गए। इसमें सभी कर्मचारियों ने रोष जताते हुए कहा कि उनकी अप्रैल और मई के वेतन को कोई हिसाब नहीं हो पा रहा है। वह बार-बार अधिकारियों को इसकी जानकारी दे चुके हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी उनकी समस्या दूर नहीं हो रही है। वहीं सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया कि मुख्य सुरक्षा अधिकारी के विरोध में गैर शिक्षक कर्मचारी एसोसिएशन हड़ताल कर रही है, जबकि उनकी कोई गलती नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में उनका कार्य करना मुश्किल भरा हो जाएगा। वहीं एक महिला सुरक्षा कर्मचारी ने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि उनके कपडे़ बदलने के लिए कोई कमरा नहीं है। इस पर एमएस डॉ. नित्यानंद ने महिला सुरक्षा कर्मचारियों को चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही कार्यवाहक कुलपति डॉ. रोहतास यादव ने कर्मचारियों को बताया कि अप्रैल माह का वेतन उन्हें जल्द मिल जाएगा। इसके अलावा मई का वेतन नए डीसी रेट के साथ आएगा यह भी उन्हें जल्द ही मिल जाएगा।