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पेयजल संकट पर बिफरी महिलाएं तो छूटे पब्लिक हेल्थ के पसीने

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जल संकट
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पेयजल संकट पर बिफरी महिलाएं तो छूटे पब्लिक हेल्थ के पसीने

बूस्टर पर जड़ा ताला, दिनभर रही सप्लाई बाधित

फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रेम नगर चौक स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग के बूस्टर पर वीरवार सुबह महिलाओं और अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। पेयजल संकट पर बिफरी महिलाओं ने विभाग के अधिकारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई और सही जवाब न मिलने पर ताला जड़ दिया। इसके चलते सारा दिन बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल सप्लाई नहीं चल पाई, मौके पर पहुंची पुलिस भी ताला नहीं खुलवा पाई। महिलाओं ने बूस्टिंग स्टेशन पर दरी बिछा कर पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

वीरवार सुबह पौने सात बजे के बाद घंटों तक पब्लिक हेल्थ विभाग को चुन्नीपुरा, घन्नी पुरा, सैनी पुरा, आनंद पुरा, चमनपुरा व प्रेमनगर चौक के आसपास रहने वाले लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा। इसमें महिलाओं की एसडीई सुरेश अहलावत और जेई कुलदीप की खासी बहस हो गई। महिलाओं ने आरोप जड़ते हुए कहा कि डेढ़ दो माह से पानी आ नहीं रहा है, जब भी शिकायत करों अधिकारी टरका देते हैं। अब जब वह बूस्टर पर आए हैं तो उन्हें धमकाया जाता है और पुलिस को बुलाने की धमकी दी जाती है।
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गुस्साई महिलाओं को देखते हुए तो एक बार अधिकारी मौके से चले गए और महिलाओं ने बूस्टर पर ताला जड़ दिया। घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो ताला खोलने से पहले फिर महिलाएं भीड़ में एकत्रित हो कर आ गई। यहां एक बार फिर एसडीई और जेई की महिलाओं के साथ पानी की समस्या को लेकर तीखी नोक झोक हुई।

महिलाएं अधिकारी पर एसडीई पर भड़क रही थी कि उनका काम तो छोड़ों बोलने का तरीका भी सही है। वही आफत से बचने के लिए जेई तो हाथ जोड़ कर महिलाओं को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे। जेई ने बताया कि वह तो अपने साथी की जगह आए हैं, जिसकी बूस्टर पर ड्यूटी है वो छुट्टी पर हैं। महिलाओं ने बताया कि उनके साथ वार्ड 13 से निगम पार्षद संजय सैनी भी आए थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस मौके पर सुमन, सुशील, सरबती, पिंकी, नीलम, बिमला, कमलेश, सीमा, किरण, निर्मला, कविता, मूर्ति, कलावती, संतोष, भतेरी, सरोज, प्रेम आदि उपस्थित रहे।

निगम पार्षद से भी हुई बहस
पेयजल समस्या को लेकर विभाग के अधिकारियों की निगम पार्षद संजय सैनी से भी बहस हुई। अधिकारियों ने पार्षद को बताया कि उनकी समस्या के समाधान के लिए सड़क तोड़ कर पाइप लाइन बिछानी पडे़गी। इसके लिए पहले अनुमति लेना अनिवार्य होता है। मौके पर पार्षद ने कहा कि वह सड़क तोड़ कर लाइन बिछा दें, जब कोई फैसला नहीं हुआ तो वह चले गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह विभाग के अलावा स्थानीय मंत्री व उपायुक्त को कई बार शिकायत कर चुके हैं। महिलाओं ने रोष जताते हुए बताया कि जब अधिकारी जांच पर आते हैं तो पानी आ जाता है, नहीं तो पानी की बूंद तक नहीं पहुंचती।

पुलिस भी नहीं खुलवा पाई ताला
पब्लिक हेल्थ विभाग की शिकायत पर मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंचा, लेकिन लोगों के गुस्से को देखते हुए ताला नहीं खुलवा पाया। जब पुलिस ताला खुलवाने पहुंची तो महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए बूस्टर पर ही दरी बिछा कर धरने पर बैठ गई। महिलाओं ने चेतावनी दी कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता वह ताला खोलने वाली नहीं है। अधिकारी ने समस्या के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।
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बोले अधिकारी
सड़क खोद कर काम कर दिया गया है। लोगों को कहा गया है कि वह लाइन में फ्रूल लगवा देंगे, इससे पानी बढ़ जाएगा। अब लोगों का कहना है कि टी लगवाया जाए, लेकिन यह गैर कानूनी है। इससे आगे पानी नहीं जा पाएगा। स्थानीय लोग सरकारी कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। बूस्टिंग स्टेशन पर ताला जड़ कर वीरवार की सप्लाई को बाधित कर दिया गया है। सुबह पौने सात बजे से ताला जड़ा हुआ है, इससे 1000 लोगों की पेयजल सप्लाई बाधित हो रही है। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई है। शुक्रवार की सप्लाई को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
- सुरेश अहलावत, एसडीई, पब्लिक हेल्थ
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