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भूखे-प्यासे मरे करीब 100 नंदी, तब प्रशासन ने जारी किए 33 लाख

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भूखे-प्यासे मरे करीब 100 नंदी, तब प्रशासन ने जारी किए 33 लाख
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चरखी दादरी।
जिले की कलियाणा नंदीशाला में चारे और अन्य सुविधाओं की कमी से पांच माह में करीब 100 से अधिक गोवशों की मौत हो चुकी है। रविवार को करीब आठ गोवंशों की मौत होने पर ग्रामीणों ने बचे नंदियों को बाहर निकाल दिया। इस संबंध में पंचायत ने प्रशासन पर नंदीशाला की व्यवस्थाओं में सहयोग न करने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि दो सप्ताह पहले चारे और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 33 लाख का डीडी जारी कर दिया है। अगर नंदीशाला से किसी ने गोवंशों को बाहर निकाला है तो इसकी जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। कलियाणा के सरपंच प्रतिनिधि घीसराम और ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने गोवंशों की मौत के बाद डिमांड ड्राफ्ट की राशि जारी की है उन्होंने बताया कि पंचायत पर तीन लाख का उधार होने पर नंदीशाला में चारा आना भी बंद हो गया है।
अक्तूबर 2017 में जिले को लावारिस गोवंशों से मुक्त करने के लिए प्रशासन ने व्यापक पैमाने पर अभियान शुरू किया था। इसके तहत जिले से करीब 1800 लावारिस गोवंश पकड़े भी गए थे। इनमें से गायों को गोशालाओं में छोड़ा गया था जबकि सांड़ों के लिए दादरी शहर सहित कलियाणा व अटेला में नंदीशाला बनाई गई थी। शहरी नंदीशाला के रख-रखाव की जिम्मेवारी नगर परिषद की थी जबकि कलियाणा नंदीशाला में चारे का प्रबंध करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई थी। इस समय दोनों ही नंदीशालाओं में व्यवस्थाएं दम तोड़े हुए है। टीन शेड, चारे व चिकित्सा सुविधा सहित अन्य इंतजाम न होने से रविवार को कलियाणा नंदीशाला खाली नजर आई। अक्तूबर माह में शुरू हुई कलियाणा नंदीशाला में 400 से अधिक गोवंश छोड़े गए थे। सरपंच प्रतिनिधि घीसाराम ने बताया कि 100 से अधिक गोवंशों ने भूख-प्यास व धूप के चलते दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नंदीशाला शुरू करने से पहले यहां टीन शेड का निर्माण कराने का आश्वासन दिया था जोकि अब तक अधूरा है। उन्होंने बताया कि नंदीशाला में गोवंशों के लिए चिकित्सा सुविधा तक मुहैया नहीं है। पशु चिकित्सकों को फोन करने के बाद भी वो घायल या बीमार गोवंशों का उपचार करने नहीं आते। चारा व चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में भूखे व बीमार गोवंशों की मौत होने लगी थी और प्रशासन का सहयोग न मिलने से ग्राम पंचायत भी व्यवस्थाएं बनाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 15 से 20 गोवंश ही नंदीशाला में बचे हैं बाकी अब यहां से निकल चुके हैं।
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बाक्स: नंदीशाला के बदत्तर हालातों पर अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट
- पानी पीने के प्रयास में दलदल में फंसकर गंवा रहे जान
करीब नौ एकड़ में बनी नंदीशाला में गोवंशों के पानी पीने के लिए एक जोहड़ बनाया गया है। इसके चारों तरफ काफी तादाद में दलदल है और पानी पीने पहुंचे गोवंश दलदल में फंस जाते हैं। रविवार दोपहर करीब 12 बजे इस जोहड़ के आसपास ही गोवंश मृत पड़े थे। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि नहरी टर्न आने पर ही इसमें पानी डाला जाता है।
कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, ट्रैक्टर का भुगतान भी बाकी
सरपंच प्रतिनिधि घीसाराम ने बताया कि जिला प्रशासन ने रख-रखाव के लिए यहां चार कर्मचारी भी रखे थे जिन्हें डीसी रेट पर तनख्वाह देने का आश्वासन दिया गया था। ये कर्मचारी दो शिफ्टों में यहां ड्यूटी करते हैं लेकिन अब तक इनकी तनख्वाह नहीं दी गई है। इसके अलावा नंदीशाला में प्रतिमाह दस हजार रुपये में एक ट्रैक्टर रखा था उसका भुगतान भी बाकी है।
मृत गोवंशों को मिट्टी देने के लिए रुकवाते हैं जेसीबी
सरपंच प्रतिनिधि घीसाराम ने बताया कि काफी तादाद में नंदीशाला में गोवंश दम तोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि मृत गोवंशों को मिट्टी देने के लिए भी यहां कोई प्रबंध नहीं है। रास्ते से गुजरने वाली जेसीबी को रूकवाकर मदद मांगकर मृत गोवंशों को नंदीशाला में मिट्टी दी जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार तो दो-तीन दिनों तक भी मृत गोवंश पड़ा रहता है।
-तीन लाख की चारा उधारी, टूटी खोर पड़ी खाली
नंदीशाला के लिए ग्राम पंचायत करीब तीन लाख रुपये का एक हजार क्विंटल चारा उधार ले चुकी है। इसके भुगतान की राशि पंचायत के पास नहीं है और अब लोग चंदा देने में भी रुझान नहीं दिखा रहे। इसलिए अब पंचायत ने चारा खरीदना बंद कर दिया है। वहीं, नंदीशाला में रविवार को चारा डालने के लिए बनाई खोर टूटी हुई और खाली नजर आई।
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वर्जन::
करीब दो सप्ताह पहले ही प्रशासन ने 33 लाख की डीडी चारा की व्यवस्था करने के लिए दिया है। दस लाख से टीन शेड का निर्माण कराया जाना है और इसके लिए पंचायत विभाग की मार्फत दस लाख रुपये हमारे पास से जा चुके हैं। प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है। अटेला नंदीशाला में कोई परेशानी नहीं है। नंदीशाला से गोवंश निकाले गए हैं तो इसकी जांच की जाएगी।
ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
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