अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सिविल सर्जन डॉॅॅ. दीपा जाखड़ ने जिला के लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए अधिक से अधिक रेड करने की आवश्यकता पर बल देते हुए मंगलवार को अपने कार्यालय में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की जिला सलाहकार समिति की बैठक की है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारी ने कहा है कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए आमजन को जागरूक करना भी आवश्यक है।
डॉ. जाखड़ ने कहा कि अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर अधिक से अधिक छापामारी की जायेगी, ताकि कोई भी गैर कानूनी तरीके से भ्रूण जांच करने का साहस न जुटा पाये। इनके अलावा बैठक में डॉॅ. सुनील अग्रवाल को कारण बताओ नोटिस जारी करने, डॉ. जीएन अग्रवाल से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय में एलपीए दायर करने, श्री बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर महम के निरीक्षण, पीजीआइएमएस रोहतक का इंचार्ज बदलने, क्रिटिकल केयर मेडिसन में ऑपरेटर की अनुमति, ट्रॉमा केयर सेंटर में मशीन के प्रयोग तथा नरूला डायग्नोस्टिक सेंटर सिविल रोड रोहतक तथा एडवांटा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रोहतक में पिछले दो सालों का रिकॉर्ड नष्ट करने के बारे में विचार विमर्श किया गया। बैठक में समाज सेविका पूनम आर्य व प्रवेश आर्य, डॉ. देवेंद्र कौर, डॉ. स्नेह सिंह, डॉ. गुलशन, एचएल धनखड़, सुरेंद्र पाहवा, सुभाष गुप्ता व जिला रेडक्रास सोसायटी के सचिव देवेंद्र चहल आदि उपस्थित रहे।