मीटर रीडिंग लेने वाले सात कर्मचारी हटाए
चरखी दादरी।
झोझूकलां सब डिवीजन में मीटर रीडिंग लेने के लिए लगाए गए सात कर्मचारी सुपरवाइजर द्वारा हटाने का मामला तूल पकड़ गया। सुपर वाइजर की शिकायत बिजली निगम अधिकारियों से करने पर कोई कार्रवाई न होने पर कर्मचारी मंगलवार को डीसी से मिले। उन्होंने डीसी को दी शिकायत में सुपरवाइजर पर मंथली मांगने का आरोप भी लगाया और कार्रवाई की मांग की। इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। डीसी ने एसडीएम को तुरंत प्रभाव से बिजली निगम के एसई व एक्सईएन से बातचीत करने और सुपर वाइजर पर लगे आरोप सही पाए जाने पर उसे निलंबित करने के आदेश भी दिए हैं।
झोझूकलां निवासी संजय कुमार, बलाली निवासी सुमित कुमार, पालड़ी निवासी अनिल कुमार, दुधवा निवासी मंदीप कुमार, कलियाणा निवासी जले सिंह, शिशवाला निवासी मंजीत कुमार व बधवाना निवासी मंदीप कुमार मंगलवार को डीसी कार्यालय पहुंचे। कर्मियों का आरोप है कि वे करीब छह माह पहले भर्ती हुए थे और उन्हें प्रति मीटर चार रुपये कमीशन के हिसाब से वेतनमान मिलना तय हुआ था। उन्हें कमीशन के एवज में महज 1500 से 2000 के चेक ही मिले। कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत सुपर वाइजर से की तो उन्होंने उनसे मंथली 1000 से 1500 रुपये देने की मांग की। जब उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो उन्हें काम से निकाल दिया गया। इन कर्मचारियों ने बताया कि इस संबंध में वो एसडीओ, एक्सईएन व बिजली निगम के एसई से भी गुहार लगा चुके हैं लेकिन न तो कार्रवाई की गई और न ही उन्हें वापिस ड्यूटी पर लिया गया। इन कर्मियों का कहना है कि उनकी जगह तीन-चार युवकों को अवैध रूप से भर्ती भी किया गया है। इनके आरोपों पर डीसी ने संज्ञान लेते हुए एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को मामले की जांच कर जल्द उन्हें रिपोर्ट सौंपने और फॉल्ट सामने आने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाने के आदेश दे दिए हैं।
वर्जन::
मुझे इस संबंध में शिकायत मिली है। इस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को जांच के आदेश दिए गए हैं। अगर आरोप सही पाए गए तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विजय सिद्प्पा, डीसी, चरखी दादरी
वर्जन::
डीसी साहब ने मुझे मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसकी रिपोर्ट मैं डीसी साहब को सौंप दूंगा। उनके आदेशों पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मैं इस संबंध में कुछ कह पाऊंगा।
ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
वर्जन::
मैने शिकायत पर झोझूकलां आकर विजिट भी की दी। इस दौरान एसडीओ व एक्सईएन से भी बातचीत की गई। सुपरवाइजर का कोई फॉल्ट मुझे नहीं मिला।
राजेराम, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीआईपीएल कंपनी
वर्जन::
ये निजी कंपनी का मामला है और इसमें कंपनी के अधिकारी ही कुछ कर सकते हैं। इन्हें अपनी शिकायत कंपनी के संबंधित अधिकारी के पास दर्ज करानी चाहिए। वो ही इस संबंध में कार्रवाई करेंगे।
भागीरथ लोढा, एक्सईएन बिजली निगम