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फ्लैग : स्वच्छता अभियान 2018 को लेकर छूटा निगम अधिकारियों का पसीना, निगम के सफाई कर्मियों का मंत्री आवास के बाहर किया प्रदर्शन, बोले
हेडिंग : कमिश्नर से लेकर मेयर के घर बेगार कर रहे सफाई कर्मचारी
: मेल नहीं खा रहे आयुक्त व मेयर के बयान
: ज्यादातर कर्मचारी अधिकारियों के घर से हटाए दिए थे : डागर
: हाउस में प्रस्ताव पास, दो कर्मचारी रखने की अनुमति : डाबला
: 108 सफाई कर्मियों से करवाई जा रही बेगार : बिडलान
: 2 रुपये प्रति माह से कैसे बनेगा शहर स्मार्ट सिटी
: मंत्री के पीए ने दिया दो दिन में उपकरण तो 15 दिन में शेड व शौचालय बनाने का भरोसा
: निगम पार्षद और सीएसआई फोन पर ही भिड़े
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एक तरफ नगर निगम स्वच्छता अभियान 2018 के तहत स्मार्ट सिटी की सूची में टॉप 50 में आने का सपना देख रहा है, दूसरी तरफ कमिश्नर से लेकर मेयर तक पर आरोप है कि सफाई कर्मियों से घर पर बेगार करवाई जा रही है। शुक्रवार को सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते समय कैमरे के सामने ये आरोप लगाए। पूछने पर मेयर और आयुक्त अलग-अलग बयान दे रहे हैं। जबकि कर्मचारियों के प्रधान का दावा है कि 700 में से 108 सफाई कर्मी अलग-अलग जगह अधिकारियों, मेयर और पार्षदों के घरों पर काम करते रहे हैं।
हर साल केंद्र सरकार की तरफ से स्मार्ट सिटी प्रतियोगिता होती है। अबकी बार इसमें 4 हजार से ज्यादा शहरों को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता के तहत 4 जनवरी से 31 मार्च के बीच में केंद्र की टीम तीन बार शहर का निरीक्षण करने आएगी। इस बार डीसी से लेकर निगम प्रशासन ने टॉप 50 में आने का लक्ष्य रहा है, जबकि पिछली बार टॉप 200 में भी निगम नहीं आ सका था। एक तरफ निगम जहां स्मार्ट सिटी का सपना देख रहा है, दूसरी तरफ नगर निगम के सफाई कर्मचारी मांगे पूरी न होने पर शुक्रवार को बिफर पड़े। दोपहर पहले तो निगम कार्यालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद सहकारिता मंत्री एवं स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर के मानसरोवर पार्क के नजदीक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही अल्टीमेटम दिया कि 15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तो स्वच्छता अभियान 2018 का बहिष्कार कर देंगे।
ये रखी मांगे
: झाड़ू का दो रुपये प्रति माह से भत्ता बाजार रेट पर किया जाए।
: फील्ड में हाजिरी स्थल पर शेड व शौचालय बनाए जाएं।
: कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
: कस्सी, फावड़ा, रेहड़ी, मास्क व ग्लवस दिए जाएं।
: मशीन से हाजिरी न लगवाई।
: सफाई कर्मचारियों से बेगार न करवाई जाए।
मंत्री के पीए ने दिया भरोसा जल्द होगा समाधान
कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मंत्री उस समय चंडीगढ़ गए हुए थे। पीए पंकज आनंद ने मांग पत्र लेकर कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर झाड़ू से लेकर कस्सी, फावड़ा, रेहड़ी, मास्क व ग्लव्स दे दिए जाएंगे। दो सप्ताह में हाजिरी स्थल पर शेड व शौचालय बनवा दिए जाएंगे। कर्मचारियों को पक्का करने की मांग चंडीगढ़ भेजी जाएगी, जिस पर सरकार को निर्णय लेना है।
15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो स्वच्छता अभियान का बहिष्कार
मंत्री के पीए ने समस्याओं को जल्द समाधान का भरोसा दिया है। कर्मचारियों ने निगम प्रशासन व सरकार को 15 दिन का समय दिया है। अगर समस्याएं हल नहीं हुई तो वे स्वच्छता अभियान 2018 का बहिष्कार कर देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि निगम अधिकारियों से लेकर मेयर व पार्षदों के घरों पर भी सफाई कर्मचारियों से बेगार कराई जा रही है, जो बंद होनी चाहिए।
-संजय बिडलान, प्रधान नगर पालिका कर्मचारी संघ
पिछले दिनों अधिकारियों के घर पर सफाई कर्मियों के काम करने की सूचना मिली थी। इसके बाद कर्मचारियों को हटा लिया गया था। उनके घर पर निगम का कोई सफाई कर्मचारी काम नहीं कर रहा। बेवजह दबाव बनाया जा रहा है।
- प्रदीप डागर, आयुक्त नगर निगम
निगम हाउस ने 2013 में प्रस्ताव पास किया था कि मेयर के घर पर 2 और पार्षदों के घर एक-एक सफाई कर्मचारी लगाया जा सकता है। हालांकि सफाई कर्मचारी रखना या न रखना पार्षद की इच्छा पर निर्भर है। अगर सभी जगह से कर्मचारी हटाए जाएंगे तो वे भी हटाने के लिए तैयार हैं।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
मैंने कभी नहीं रखा सफाई कर्मचारी
2013 में ही हाउस के अंदर प्रस्ताव पास हुआ था कि पार्षद एक-एक सफाई कर्मचारी रख सकते हैं, लेकिन उन्होंने आज तक सफाईकर्मी घर या कार्यालय पर नहीं रखा। कर्मचारियों से बेगार नहीं करवानी चाहिए। अब फोकस स्वच्छता अभियान पर होना चाहिए।
- अनिल कुमार, पार्षद नगर निगम वार्ड नंबर 19
मेरे घर नहीं कोई सफाईकर्मी
निगम का कोई भी सफाई कर्मचारी उनके आवास पर काम नहीं करता। निजी खर्च पर घर पर सफाई कर्मी रखे हुए हैं। दूसरे अधिकारी खुद इस बारे में बता सकते हैं। मैं कुछ नहीं बोलूंगा।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम