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भूकंप मॉड्रिल : मृत व्यक्ति से कर्मी ने पूछा हाल, बोला- ठीक हूं

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
भूकंप को लेकर सिरसा जिले में वीरवार को पांच स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल की गई। दुर्घटना के समय कुल सात लोगाें की जानें गईं तथा 30 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए तथा 26 व्यक्तियों को मामूली चोटें आईं। इन सबसे के बीच जब मॉकड्रिल की समीक्षा की गई तो कई खामियां सामने आईं। मुर्दों से बात करते रहे बचाव कर्मी तो कहीं नौसिखियों को थमा दिए वॉकीटॉकी। कहीं, अधिकारियों में दिखी तालमेल की कमी।
यह मॉक ड्रिल उपायुक्त प्रभजोत सिंह की देखरेख में आयोजित की गई। लघुसचिवालय परिसर स्थित वाणिज्य भवन, सतलुज पब्लिक स्कूल, लालगढिया अस्पताल, पुलिस लाइन आवासीय क्षेत्र तथा फैशन कैंप में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में सभी विभागों के अधिकारियों, एनडीआरएफ की टीम, आर्मी, पुलिस विभाग, एयरफोर्स, नेहरु युवा केंद्र, होम गार्ड के जवान, स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित सभी विभागों ने भाग लिया। इसके साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी इस मॉक ड्रिल में सहयोग किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई गई। उपायुक्त ने मॉक ड्रिल के समय सभी स्थानों का निरीक्षण किया। लघु सचिवालय में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया गया। मॉक ड्रिल की शुरुआत प्रात: 10 की गई। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से पुलिस लाइन में बनाए गए स्टेजिंग एरिया पर सूचना दी गई। स्टेजिंग एरिया में बचाव राहत कार्य के लिए शिविर भी लगाए गए। सूचना के तुरंत बाद आवश्यकता अनुसार टीमों को दुर्घटना क्षेत्रों में भेजा गया और रेस्क्यू शुरू किया गया। दुर्घटना के समय कुल सात लोगाें की जाने गए तथा 30 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए तथा 26 व्यक्तियों को मामूली चोटें आई जिनका उपचार कर घर भेज दिया गया। घायल हुए व्यक्तियों को भी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, मृतक व्यक्तियों के पुलिस विभाग द्वारा पंचनामे दायर किए गए।
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तालमेल की कमी: नौसिखियों का थमा दिए वॉकीटॉकी
मॉक ड्रिल में शुरुआत में कर्मचारियों और अधिकारियों में तालमेल की कमी दिखाई दी। जिनके हाथों में वॉकीटॉकी सौंपे गए थे उन्हें उनके संचालन का ज्ञान नहीं था। बाद में अधिकारियों ने मौके पर जाकर उन्हें इसके बारे में समझाया तभी कही जाकर कार्य सुचारु रूप से शुरू हुआ। पुलिस लाइन में पूरी टीम तैनात की गई थी। सीएमओ गोबिंद गुप्ता स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाले हुए थे। राहत एवं बचाव कार्य का जिम्मा एडीसी मुनीष नागपाल ने संभाला हुआ था। जैसे ही कंट्रोल रूम से संदेश मिलता राहत टीम को पूरे काफिले के साथ रवाना कर दिया जाता। एक-एक स्थान पर तीन-तीन बार टीमें भेजी गईं। वाणिज्य भवन में जब हादसे में मारे गए लोगों को छत से नीचे उतारा जा रहा था तो उनके नीचे आते ही एक कर्मचारी ने पूछा ठीक तो हो इस पर मुर्दा बने व्यक्ति ने कहा ठीक हूं। ऐसे में पास खडे़ कर्मचारी ने कहा कि मुर्दे का रोल कर रहा है मुर्दे बोलते नहीं हैं।
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दोपहर दो बजे राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के मेजर जनरल वीके दत्ता ने संयुक्त रूप से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों की आज की गई मेगा मॉक ड्रिल की समीक्षा की तथा पाई गई कमियों से अवगत करवाया और उन्हें दूर करने के लिए निर्देश दिए। डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि आज काफी कमियां रही हैं उनकी समीक्षा की जा रही है और उन्हें दूर किया जाएगा।
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