बुलंद इरादों के बूते उड़ान भर रहे शहर के युवा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। मन में आसमान छूने की हसरत पाले म्हारे छोरे-छोरियां आगे बढ़ रहे हैं। युवाओं के बुलंद हौसलों के आगे बड़ी से बड़ी चुनौती भी कमजोर पड़ रही है। आज हम रूबरू करवाएंगे शहर के ऐसे ही युवाओं से जिन्होंने बुलंद इरादे से अपने पसंदीदा क्षेत्र में आगे बढ़कर मुकाम हासिल किया है। शहर के ये होनहार देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
लक्ष्य कल्याल : काल्पनिक दुनिया पर लिख रहे उपन्यास
विदेश में पढ़ने का सपना सभी देखते हैं। हालांकि इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम का इम्तिहान कइयों का सपना तोड़ देता है। मैंने हार नहीं मानी और पहली बार में इसे चुनौती पर विजय पाई। 9 में से सात अंक लेकर इस इम्तिहान को पास करके कनाडा के उच्च कॉलेज जार्ज ब्राउन में प्रवेश लिया। लक्ष्य इन दिनों काल्पनिक दुनिया के विषय पर उपन्यास लिख रहे हैं। वह विदेशी कंपनी वार्नर बर्रोस या डिज्नी से कार्टून पिक्चर बनवाने की तैयारी कर रहे हैं। लक्ष्य हॉलीवुड कल्चर से बहुत प्रभावित हैं। वहां के गाने सुनने, फिल्म देखने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
जोए ग्रेसिफा जो लास एंजेल्स के प्रसिद्ध यूट्यूबर हैं, उन्होंने लक्ष्य को अपनी साइन की हुई ऑटोबायोग्राफी भेंट की है। लक्ष्य फैशन डिजाइनर बनना चाहते हैं जिसके कनाडा से लॉस एंजेल्स जाने की तैयारी कर रहे हैं। संगीत, फैशन और लेखन के साथ-साथ लक्ष्य को खाना बनाने का बेहद शौक है।
अक्षय मुथरेजा : ताइक्वांडो में पदक जीते, अब सिखा रहे आत्मरक्षा
मार्शल आर्ट्स की बारीकियां सीखने के बाद अक्षय मुथरेजा पिछले छह साल से नई पीढ़ी को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अपने पिता से प्रेरित होकर अक्षय ने मार्शल आर्ट्स में कम समय में कई अवार्ड जीते हैं। इंटरनेशनल प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत चुके अक्षय ने नेशनल में भी कई पदक अर्जित किए हैं। ब्लैक बेल्ट से नवाजे गए अक्षय बालभवन में बच्चों को ताइक्वांडो की एबीसीटी सिखा रहे हैं।
वह कई स्कूलों में बतौर कोच सेल्फ डिफेंस और ताइक्वांडो की क्लास लेते हैं। बकौल अक्षय हर लड़की को सेल्फ डिफेंस आना चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को वह नि:शुल्क प्रशिक्षण देते हैं। अक्षय से प्रशिक्षण लेकर शिवचरण नेशनल लेवल पर पदक हासिल कर चुका है।
रितिक सैनी : तीन साल पहले बने जिमनास्ट, जीत लिए 30 पदक
16 साल का रितिक सैनी जिम्नास्टिक में हरियाणा का चेहरा बन चुका है। रितिक ने तीन साल पहले जिम्नास्टिक सीखना शुरू किया था और अब तक 30 मेडल जीत चुका है। जनवरी में हुई ऑल इंडिया चैंपियनशिप में रितिक ने पूरे देश में चौथे स्थान हासिल किया।
पोमल हॉर्स में देश के दूसरे श्रेष्ठ खिलाड़ी बन गए। उनका सपना है कि वह इंटरनेशनल लेवल पर बेस्ट खिलाड़ी बनें। इस मंजिल को पाने के लिए वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। रितिक सरकारी स्कूल में दसवीं कर रहे हैं। बकौल रितिक केवल पैसा ही जीवन का रूप तय नहीं कर सकता। अगर मेहनत की जाए तो शून्य से उठकर भी अव्वल बना जा सकता है।