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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी/ कोसली।
बुधवार से शुरू हुई अंधड़ एवं हल्की बरसात के बाद रविवार सुबह भी जिले में करीब डेढ़ घंटे हुई बरसात हुई। डेढ़ घंटे में 46 एमएम हुई झमाझम बारिश ने जहां कइयों के चेहरे की रौनक बढ़ा दी वहीं कई लोगों के माथे पर जलभराव से निपटने की चिंता लकीरें ला दी।
बरसात से किसानों के चेहरे खिल उठे। इसी के साथ शहर में जगह-जगह हुए जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा। किसानों की माने तो बाजरे की बिजाई से पहले ये बरसात किसानों के लिए सोना बनकर बरस रही है। बीते पांच दिनों में रुक-रुक हो रही बरसात के बाद रविवार करीब साढ़े सात बजे बरसात शुरू हो गई जो कि सुबह करीब नौ बजे तक चली। हालांकि इसके तुरंत बाद हल्की धूप निकल आई। दिन भर सूरज एवं बादलों में आंख मिचौली का खेल चलता रहा। शहर में कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई।
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हवा हुए प्रशासन के दावे
मानसून के समय शहर में जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन रविवार को सुबह हुई बरसात में सभी दावे हवा हो गए। शहर के सेक्टर हो या फिर कॉलोनियां बरसात के कारण कई जगह तालाब में तब्दील हो गई। रविवार को हुई बारिश से शिव कॉलोनी में घरों में पानी घुस गया। वहीं सेक्टर-1, मॉडल टाउन, बावल रोड, आईओसी चौक, नागरिक अस्पताल, राजीव नगर, सेक्टर-4 जिम खाना के पास, विजय नगर, विकास नगर, आनंद नगर, उत्तम नगर एवं अन्य कॉलोनियों में जल भराव के चलते कई लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत यह रही कि छुट्टी का दिन होने के कारण लोग घर से कम निकले। अन्यथा जाम एवं दुर्घटनाओं सहित समस्याओं से भी लोगों को दो-चार होना पड़ता। शिव कॉलोनी के मोहल्लावासी एडवोकेट रजवंत डहीनवाल, रामकला, सविता चंद्रो, रोशनलाल, नरेश कुमार, राजेश आदि ने बताया कि नगर परिषद अधिकारियों की लापरवाही की वजह से घरों में पानी घुसा है। इस संबंध में पहले भी शिकायत दी है। लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने गली का लेवल पहले की तरह ऊंचा करने की मांग की है।
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ग्वार और बाजरे की फसल को होगा लाभ
ज्ञात रहे कि जिले में बाजरा एवं ग्वार की फसलें यहां के किसानों कि मुख्य फसलों में से एक है। किसान रामचंद्र, रूपचंद, विजय, रोशन लाल, रमेश एवं बिजेंद्र ने बताया कि क्षेत्र में पानी का स्तर काफी नीचे होने के चलते बाजरे एवं ग्वार की फसल होती है। क्योंकि दोनों फसल बरसाती पानी से ही हो जाती हैं। वहीं इसके बाद किसान सरसों और गेहूं की फसल की आसानी भी से बिजाई कर लेता है। रुक-रुककर हो रही बरसात से ग्वार और बाजरे की फसल को काफी लाभ मिलेगा। किसानों का कहना है कि समय समय पर बरसात होती रहे तो किसान प्रति एकड़ 25 से 30 मन बाजरा की पैदावार हासिल कर सकता है।
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