फाईल फोटो रघुबीर सिंह स्त्रोत परिजन।
कलानौर। जिंदरान के सबसे बुजुर्ग रघुबीर का शनिवार सुबह 107 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 20 जनवरी 1919 को जन्मे रघुबीर अपने समय के जाने-माने पहलवान थे। उनका मूल निवास महम क्षेत्र के भराण गांव में था। जहां उनके परिवार के पास 6 कनाल कृषि भूमि थी।
बाद में वे जिंदरान गांव आकर बस गए। सीमित संसाधनों से शुरुआत करने वाले रघुबीर ने अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी के दम पर खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और समय के साथ 23 एकड़ कृषि भूमि खरीदी। उनकी मेहनत और संघर्ष आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा माने जाते हैं।
107 वर्ष की आयु तक भी उनका जीवन अनुशासित रहा। वे देसी घी, ताजा दूध और सादे भोजन के शौकीन थे। उनका मानना था कि मेहनत, संयम और शुद्ध खान-पान ही स्वस्थ एवं लंबी उम्र का सबसे बड़ा रहस्य है। रघुबीर अपने पीछे 28 सदस्यों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
परिवार में 2 बेटे, 3 बेटियां, 5 पौत्र, 3 पौत्रियां, 8 पड़पौत्र और 7 पड़पौत्रियां हैं। उनके परिवार के 4 सदस्य खेती से जुड़े हैं जबकि 2 सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। ग्रामीणों ने कहा कि रघुबीर केवल अपने परिवार के मुखिया ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा थे।