प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस अब कोविड अस्पताल बन गया है। हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को भांपते हुए संस्थान में और अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार देने की व्यवस्था बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत अब पीजीआई के 1016 कोविड मरीज इलाज ले सकेंगे। इसके अलावा शेष इतने ही बेड पर दूसरी बीमारी के मरीजों को इलाज दिया जाएगा। कुलपति ने बेकाबू होते हालातों को समझते हुए संस्थान के अधिकारियों के बैठक साथ बैठक की। यहां पीजीआई को केवल कोविड अस्पताल बनाने पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग के हाथ खड़ा कर देने के बाद विवि प्रशासन ने कैंसर, कार्डिएक, डायलिसिस जैसी सेवाएं रोकना मरीज हित में उचित नहीं होना करार दिया। इसलिए इन सेवाओं को जारी रखते हुए आपातकालीन, ट्रॉमा सेवाओं, प्रसूति विभाग को 24 घंटे सातों दिन जारी रखने पर जोर दिया गया। बैठक में पहले चरण में पीजीआई को कोविड अस्पताल में बदलने की ओर कदम उठाते हुए 500 बिस्तर बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसके अलावा नॉन कोविड पीडिएट्रिक सर्विस मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में शिफ्ट कर दी गई हैं। पीडब्लूडी के कार्यकारी अभियंता से बात कर कोविड व नॉन कोविड क्षेत्र को अलग करने का प्रपोजल रखा गया है। डॉक्टर, नर्स व सहयोगी स्टाफ के लिए अलग-अलग विभागों में नए बेड की व्यवस्था की जाएगी। कोविड-19 नोडल अधिकारी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता वृद्धि करने के बाद ही कोविड क्षेत्र में तैनात करेंगे। नए बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई मेन गैस प्लांट से की जाएगी। संस्थान के लिक्विड ऑक्सीजन टैंक की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए नोएडा की कंपनी से बात की गई है। इसके बाद संस्थान में 10 हजार लीटर लिक्विड ऑक्सीजन से बढ़कर क्षमता 20 हजार लीटर की हो जाएगी। एचएमएससीएल पंचकूूला को नए डी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराने के लिए लिखा जाएगा। इससे और 500 नए बेड मरीजों के लिए शुरू हो सकेंगे। इस बैठक में संस्थान के सभी विभागों अध्यक्ष एवं अधिकारी मौजूद रहे।
एडीजीपी व डीएफएससी भी संक्रमित
जनसेवा में जुटे रेंज के आईजी एवं एडीजीपी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। डीएफएससी की रिपोर्ट भी जांच में पॉजिटिव मिली है। इसके चलते दोनों अधिकारियों ने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया है।
जिले में कोरोना संक्रमितों के लिए सिर्फ 250 बेड शेष
कोरोना से चल रहे संघर्ष में मरीजों के लिए जिले के विभिन्न कोविड अस्पतालों में 912 बेड हैं। इसमें से 250 बेड मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। इनमें 241 आइसोलेशन, सात आईसीयू व दो वेंटिलेटर बेड हैं।