रेवाड़ी। ग्राम पंचायतों के एतराज के बावजूद भी गांवों में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में जिले के 57 गांवों की महिलाओं ने वीरवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त एक माह के दौरान शराब ठेेकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। महिलाएं अपने साथ शराब की बोतलें लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने लघु सचिवालय परिसर में शराब की बोतलें रखकर शराब की दुकानें खोले जाने का विरोध किया। डीसी ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए तो महिलाओं ने नारेबाजी की। जिसका नेतृत्व स्वराज इंडिया की जिला इकाई ने किया।
स्वराज इंडिया की ओर से पिछले वर्ष जिलेभर में शराब ठेकों की बंदी को लेकर अभियान चलाया था। इसके बाद जिले की करीब 27 ग्राम पंचायतों ने पिछले वर्ष 30 सितंबर से पूर्व जिला प्रशासन को गांवों में चलाए जा रहे शराब के ठेकों को बंद कराने के लिए आबकारी विभाग को प्रस्ताव सौंपे थे। इसके बावजूद भी इन गांवों में शराब के ठेके बंद नहीं किए गए। जिससे ग्रामीण महिलाओं में रोष व्याप्त है। वीरवार को जिले की करीब 57 गांवों की महिलाएं उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के लिए जिला सचिवालय पहुंची, लेकिन करीब आधा घंटा तक उपायुक्त द्वारा ज्ञापन लेने के बाहर नहीं आने पर महिलाएं भड़क गई। इसके बाद कुछ महिलाओं को उपायुक्त कार्यालय बुलाकर ज्ञापन लिया गया। इससे महिलाओं में रोष व्याप्त है। उधर, उपायुक्त ने महिलाओं को बताया कि चुनाव होने की वजह से करीब एक माह बाद ऐसे शराब ठेकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। लेकिन महिलाएं इस बात पर अड़ी रही है उपायुक्त बाहर आकर महिलाओं को आश्वासन दे। महिलाओं ने अपने हाथों में पोस्टर ले रखे थे। जिन पर शराब बंदी करने की मांग लिखी थी। महिलाओं ने लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया। महिलाएं अपने साथ शराब की बोतलें लेकर पहुंची। महिलाओं ने अपने सामने शराब की बोतलें रखकर विरोध जताया। काफी देर तक डीसी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।
इन ग्राम पंचायतों ने दिया था प्रस्ताव
शहबाजपुर इस्तमुरार, बोलनी, गढ़ी, खेड़ी मोतला, नांगल जमापुर, बोहतवास अहीर, टींट, मनेेठी,बालावास जाट, फिदेड़ी,आलियावास, धामलावास, मामडिया ठेठर, पाली, दड़ौली, ढाणी सांतो, फतेहपुरी टप्पा, रोलियावास, मामडिया आसनपुर,खोरी व ठोठवाल।
विरोध में ये महिलाएं रहीं शामिल
राजबाला यादव, विपनिता, एडवोकेट कुसुमलता, ढाणी भांडोर से प्रवेश्वरी, गोलियाकी से सत्यवती, संतोष, लाधुवास गुजर से सुनीता, संगवाड़ी सेेे पम्मी, बासदुधा से बिमला, जैनाबाद से उर्मिला व नांधा से सिलोचना विरोध में शामिल रहीं।
शराब ठेका बंद करने के कुछ मानक हैं। हमने सभी गांवों के नाम चंडीगढ़ मुख्यालय को भेज दिए थे। करीब 19 गांवों में शराब ठेके बंद किए गए हैं। जो गांव मानकों पर खरे नहीं उतरे वहां ठेके बंद नहीं हुए। मुख्यालय के निर्देश के अनुसार ही शराब ठेके पर फैसला लिया जा सकता है।
प्रियंका, आबकारी एवं कराधान अधिकारी, रेवाड़ी