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चार दिन से नेकीराम कॉलेज में गहराए जलसंकट से आहत विद्यार्थियों का हंगामा

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रोहतक। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय में पिछले चार दिन से गहराए जलसंकट से आहत हॉस्टल के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। गुस्साए विद्यार्थी दोपहर दो बजे कॉलेज गेट पर ही धरने पर बैठ गए। यहां कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पानी मुहैया कराने की मांग की। कॉलेज में गहराए जलसंकट की वजह पानी का 42 लाख रुपये का बिल बकाया होना बताया जा रहा है। इसके चलते विभाग ने पेयजल कनेक्शन काट दिया। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने बिल बकाया होने से इनकार किया है। धरने की सूचना मिलने के चार घंटे बाद कॉलेज पहुंचीं प्राचार्य से छात्राओं की तीखी नोकझोंक हुई। बाद में हॉस्टल में बातचीत कर समस्या के समाधान का आश्वासन देकर विद्यार्थियों को धरने से उठाया। छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्या चार घंटे बाद कॉलेज आईं। आते ही चिल्लाकर बोलीं, मैं अपने परिवार की समस्याएं छोड़कर आई हूं, शर्म नहीं आती तुम्हें, किसी के मरने जीने से तुम्हें क्या फर्क पड़ता है। इस पर छात्राएं बोलीं, हम चार दिन से प्यासी बैठी 400 लड़कियां मर जाएं, आपको कोई फर्क नहीं पड़ता। धरने के दौरान पेयजल किल्लत से आहत छात्राएं आंधी के बाद आई बारिश में भीगती रहीं।
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चार दिन से पानी नहीं, कॉलेज प्रशासन बना अंजान
नेकीराम कॉलेज के हास्टल की छात्राएं बुधवार दोपहर दो बजे कैंपस में इकट्ठा हुईं। यहां सभी ने हॉस्टल में पीने का पानी तक नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद सभी कॉलेज गेट पर पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। छात्राओं का कहना था कि पिछले चार दिनों से हॉस्टल में पानी नहीं आया है। पीने तक का पानी नहीं है। बुधवार सुबह बिजली निगम कार्यालय के बाहर लगे वाटर कूलर से बोतलों में भर कर पानी लाए। नहाने, कपड़े धोने की तो बात दूर है। कॉलेज प्रशासन इस मामले को लेकर अनजान बना हुआ है। छात्राओं के धरने पर बैठने के कुछ देर बार एसएफआई व इनसो के सदस्य व अन्य छात्र भी धरना स्थल पर पहुंचे।
विद्यार्थियों के धरने की सूचना कॉलेज प्राचार्य को दी गई। विद्यार्थियों को समझाने के लिए कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल रणबीर कादियान धरना स्थल पर पहुंचे। उनके समझाने पर भी विद्यार्थी नहीं मानें। प्राचार्य के किसी काम से बाहर जाने की बात भी कही गई। पीजीआई थाना पुलिस, एसडीओ व जेई ने भी विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया। इस पर विद्यार्थियों ने अपनी समस्या के समाधान तक नहीं हटने का दो टूक जवाब दिया। धरने की सूचना देने के करीब चार घंटे बाद प्राचार्य पूनम मलिक मौके पर पहुंचीं। यहां विद्यार्थियों की उनके साथ तीखी नोक झोंक हुई। बाद में प्राचार्य ने समाधान के लिए हॉस्टल में मिलने की बात कहकर उन्हें वहां से हटाया।
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हॉस्टल में मंगाया टैंकर का पानी, खुद ने पीने से किया इनकार
छात्राओं ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने हमारे लिए टैंकर का पानी मंगवाया है। क्या वह खुद यह पानी पीएंगे। टैंकर का दूषित पानी देख कॉलेज के अधिकारियों ने ही नहीं, अन्य लोगों ने भी इसे पीने से इनकार कर दिया। गर्ल्स हॉस्टल हेड ने टैंकर से पानी का गिलास भरकर वाइस प्रिंसिपल व वार्डन की ओर किया तो उन्होंने मुंह ही फेर लिया। छात्राओं ने कहा कि खुद टैंकर का पानी पीना नहीं चाहते। हमें पिला रहे हैं।

वर्जन
कॉलेज में पानी की समस्या का समाधान हो गया है। एसडीओ व जेई को बुलाकर पेयजल सप्लाई बहाल करा दी गई है। मैं बच्चों पर नहीं चिल्लाई, बल्कि पानी वालों को पानी की समस्या का समाधान करने के लिए बोला है। इनसो वाले बच्चों को भड़का कर धरने के लिए उकसाते हैं।
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-डॉ. पूनम मलिक, प्राचार्य, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय
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