फ्लैग: श्री लालनाथ हिंदू शिक्षण संस्था की चौधर को आजमाइश कल
हेडिंग : प्रधान, कोषाध्यक्ष व महासचिव पर सहमति, उपाध्यक्ष के लिए होगी वोटिंग
: चुनाव के बहाने मंत्री को घेरने की तैयारी में विपक्ष
: पूर्व प्रधान सुंदरलाल सेठी के बेटे दीपक सेठी को उतारा प्रदीप सपड़ा के खिलाफ मैदान में
: संस्था के चयनित 100 सदस्य सुबह 9 से 2 बजे तक डालेंगे वोट
: 1971 में डॉक्टर मंगलसेन ने रखी थी संस्था की आधारशिला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। श्री लालनाथ हिंदू शिक्षण संस्था में कार्यकारिणी के उपप्रधान पद के लिए रविवार सुबह नौ से दोपहर 2 बजे तक वोट डाले जाएंगे। संस्था के 999 सदस्यों द्वारा चयनित 100 सदस्यों के वोट तय करेंगे कि संस्था के उप प्रधान मंत्री मनीष ग्रोवर के करीबी प्रदीप सपड़ा होंगे या नगर पालिका के पूर्व प्रधान रह चुके स्व. सुंदरलाल सेठी के बेटे दीपक सेठी। मंत्री के विरोधी व कांग्रेसी सेठी को जिताने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। तीन साल बाद संस्था के चुनाव होते हैं।
भाजपा के दिग्गज रहे डॉक्टर मंगलसेन ने 1971 में पाक से विस्थापित होकर आए लोगों की संस्था बनाई थी, जिसके लिए बाद में बाबा लालनाथ ने न केवल भिवानी रोड पर जमीन दी, बल्कि कटसेरा गांव में सैकड़ों एकड़ जमीन भी दी। संस्था के फिलहाल 999 सदस्य हैं, जिनमें गुजरात, पंजाब, चंडीगढ़ व दिल्ली तक रहने वाले हैं। 1 हजार से कम सदस्य होने के कारण संस्था के चुनाव में एरिया वाइज वार्ड बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। 999 सदस्यों ने पिछले दिनों 100 सदस्यों का चयन किया। उक्त 100 सदस्यों ने पिछले प्रधान राजेश सहगल को ही सर्वसम्मति से दोबारा प्रधान चुन लिया था, जो प्रधान के अलावा संस्था के मैनेजर व महासचिव रह चुके हैं। जबकि उनके पिता मुलकराज सहगल, भाई रमेश सहगल, ताऊ सुंदर सिंह सहगल भी संस्था में पदाधिकारी रह चुके हैं। जबकि मंत्री के नजदीक अजय निझावन को कोषाध्यक्ष चुना गया, जो पिछली बार उप प्रधान थे। वहीं, संस्था के पूर्व लेक्चरर सुदर्शन धींगड़ा को लगातार दूसरी बार महासचिव चुना गया है।
प्रदीप सपड़ा पर नहीं बन सकी सहमति, दीपक सेठी आए मैदान में
कार्यकारिणी के अंदर 21 सदस्य होते हैं। इसमें प्रधान, उप प्रधान, कोषाध्यक्ष व महासचिव प्रमुख पद हैं। चारों पदाधिकारी नौ कार्यकारिणी के सदस्यों का चयन करते हैं। बाद में 21 सदस्य चुने जाते हैं। पिछले कार्यकाल में कोषाध्यक्ष रहे प्रदीप सपड़ा अबकी बार उप प्रधान के लिए मैदान में उतरे, लेकिन उनके नाम पर सहमति नहीं बन सकी। पूर्व प्रधान सुंदरलाल सेठी के बेटे दीपक सेठी मैदान में उतरे हैं।