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बबीता को मिला सिल्वर , अब विनेश से गोल्ड की उम्मीद

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बबीता को मिला सिल्वर अब विनेश से गोल्ड की उम्मीद
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चरखी दादरी।
बलाली की लाडली बबीता फौगाट ने आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है। अभी, बबीता की चचेरी बहन विनेश फौगाट का मुकाबला होना बाकी है। भारतीय महिला पहलवानों के दल में विनेश को गोल्ड मेडल का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। ताऊ व कोच महावीर फौगाट के साथ देशवासियों को भी विनेश से ग्लास्को की तरह ही आस्ट्रेलिया में भी गोल्ड की उम्मीद है।
कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में बबीता फौगाट ने 53 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व किया जबकि ग्लास्को कॉमनवेल्थ गेम्स में उसने 55 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। इस बार भी बबीता से क्षेत्रवासियों के साथ देशवासियों को मेडल की उम्मीद थी, लेकिन वे सिल्वर ही जीत सकीं।
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भारतीय समयानुसार सुबह छह बजे बबीता फौगाट का पहला मुकाबला हुआ। शुरुआत में नाइजीरियन महिला पहलवान बॉस सेम्यूअल ने पहले मिनट के बाद एक अंक बटोर बढ़त बनाई। बबीता ने अगले छह सेकेंड में दो प्वाइंट अर्जित कर नाइजीरियन पहलवान पर ही 2-1 की बढ़त बना ली और अगले चरण में प्रवेश किया। बबीता फौगाट का दूसरा मुकाबला श्रीलंका की महिला पहलवान दिपिका दिल्हानी से हुआ। मैच के 48वें सेकेंड में बबीता ने श्रीलंकाई पहलवान के चित कर अगले राउंड में एंट्री मारी। बबीता फौगाट का तीसरा मैच मेजबान आस्ट्रेलिया की महिला खिलाड़ी कैरिसा होलैंड से हुआ। आस्ट्रेलियन पहलवान को तो बबीता ने श्रीलंकाई पहलवान से भी पहले चित कर दिया। गोल्ड मेडल के लिए क्वालीफाई मैच महज 36 सेकेंड में ही बबीता ने अपना नाम कर फाइनल मुकाबले की टिकट पक्की की। गोल्ड मेडल के लिए बबीता का मुकाबला कनाडा की पहलवान से हुआ। कनाडा की पहलवान ने मैच के हॉफ तक 1-0 की बढ़त बनाई। दूसरे हॉफ में बबीता ने अटैक का प्रयास किया। प्रतिद्वंदी पहलवान ने काउंटर अटैक न केवल अपना बचाव किया बल्कि बबीता के खिलाफ अंक भी बटोरे। दूसरे हॉफ का खेल खत्म होने तक स्कोर 5-1 था और कनाडा की पहलवान ने यह मैच अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में हार मिलने के बावजूद बबीता सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब हुई।
बेटियों की हौसला अफजाई करने पत्नी संग आस्ट्रेलिया पहुंचे महावीर फौगाट
बबीता व विनेश फौगाट महिला पहलवानों के दल के साथ गत छह अप्रैल को आस्ट्रेलिया रवाना हो गई थी। वीरवार को होने वाले बबीता फौगाट के मैच के लिए द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फौगाट अपनी पत्नी दयाकौर व बेटियों संगीता व रितू फौगाट सहित 10 अप्रैल को आस्ट्रेलिया रवाना हुए थे। अमर उजाला से विशेष बातचीत में महावीर फौगाट ने बताया कि वो अपनी बेटियों की हौसला आफजाई के लिए आस्ट्रेलिया पहुंचे हैं।
कल होने वाले विनेश के मुकाबले पर टिकी निगाहें
बबीता फौगाट की तरह विनेश फागाट ने भी ग्लास्को कॉमनवेल्थ गेम्स में देश की झोली में स्वर्ण पदक डाला था। इस समय भारतीय महिला पहलवानों के दल में विनेश फौगाट को स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। विनेश फौगाट का मुकाबला शनिवार को भारतीय समयानुसार सुबह छह बजे होगा। बबीता फौगाट के बाद अब विनेश के मुकाबले से क्षेत्रवासियों के साथ देशवासियों की भी निगाहें टिकी हुई हैं।
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सिल्वर को गोल्ड में जरूर बदलेगी विनेश: महावीर फौगाट
दंगल गर्ल के पिता व कोच महावीर फौगाट ने बताया कि बबीता ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता इससे उन्हें खुशी है लेकिन उनकी चाह देश के लिए गोल्ड मेडल लाने की थी। उन्होंने बताया कि अभी उनकी दूसरी बेटी विनेश फौगाट का मुकाबला होना बचा है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि विनेश सिल्वर को गोल्ड में तबदील कर देशवासियों की उम्मीदों पर खराब उतरेगी।
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