एक्सईएन बोले, दस दिन में सीवरेज समस्या से मिलेगी शहर को निजात
चरखी दादरी।
शहर की ठप सीवरेज व पेयजल व्यवस्था के खिलाफ पार्षदों द्वारा जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम रंग आखिरकार रंग लाई। एक्सईएन ने शुक्रवार को धरने पर बैठने वाले पार्षदों को अपने कार्यालय में बुलाकर वार्डों की समस्याओं पर मंथन किया। इस दौरान नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया की अगुवाई में एक्सईएन दफ्तर पहुंचे पार्षदों ने न केवल अपने वार्डों की ठप सीवरेज-पेयजल लाइनों का दंश झेल रही गलियों की जानकारी दी बल्कि वार्ड की नई जरूरतें भी मांगपत्र सहित रखीं। एक्सईएन ने क्षतिग्रस्त मैनहॉल ढक्कनों को दो दिन में बदलने और दस दिन के अंदर सीवरेज लाइनों की सफाई कर ब्लॉकेज खोलने का आश्वासन पार्षदों को दिया है। बैठक में पार्षदों ने विभाग के एक पूर्व कर्मचारी को वापस ड्यूटी पर रखने की मांग की जिसे एक्सईएन ने मान लिया। बैठक के बाद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और पार्षदों का मनमुटाव भी कम हुआ है। अमर उजाला ने भी ‘शहर की ठप सीवरेज व्यवस्था’ मुद्दे को अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से उठाया था।
चेयरमैन संजय छपारिया, पार्षद प्रतिनिधि जयसिंह लांबा, महेश गुप्ता व दिनेश जांगड़ा, पार्षद प्रतिनिधि प्रवीन सैनी, पार्षद रविंद्र गुप्ता, मनोज वर्मा, विनोद वाल्मीकि, कुलदीप गांधी, पार्षद प्रतिनिधि कृष्ण, वीरेंद्र चरखी, पार्षद रोहित राजपूत शुक्रवार को एक्सईएन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एक्सईएन विशाल कुमार सहित एसडीओ व जेई के साथ उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक शहर की समस्याओं पर मंथन किया। पार्षदों ने पहले उन्हें मौखिक रूप से वार्डों की समस्याओं व जरूरतों की जानकारी दी तो बाद में लिखित मांगपत्र भी सौंपा। इस पर एक्सईएन ने सकारात्मक रूख दिखाते हुए इन मांगों को जल्द से जल्द परवान चढ़ाने का आश्वासन पार्षदों को दिया। वहीं, 12 जनवरी को पार्षदों द्वारा धरना देने पर एक्सईएन द्वारा दिए गए आश्वासन पर भी पार्षदों ने चर्चा की। इस दौरान एक्सईएन विशाल कुमार ने बताया कि उनकी मांग के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या चार गुना बढ़ा दी गई है। सीवरेज समस्याओं के समाधान के लिए पहले पांच कर्मचारियों की एक टीम थी और अब इनकी तीन टीमें बना दी गई हैं। शुक्रवार शाम से ही कर्मचारियों को वार्डों में सीवरेज संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भेज दिया जाएगा। इसके अलावा एक्सईएन ने बताया कि करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन में सीवरेज ब्लॉकेज को खोलने के लिए भी मशीन की डिमांड कर दी है। इस दौरान पार्षदों ने बताया कि उनके वार्ड में सीवरेज मैनहॉल की दूरी बहुत अधिक है और इससे सीवरेज लाइन ब्लॉक होने पर खोलने में कर्मचारियों को दिक्कतें आती हैं। इसलिए इनके बीच नए मैनहॉल का निर्माण करवाया जाए। इसके अलावा सीवरेज मैनहॉल का लेवल भी दुरुस्त नहीं है और इस कारण आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं। इन पार्षदों ने क्रमबद्घ अपने-अपने वार्डों की पहले सीवरेज-पानी संबंधी समस्याएं रखीं और फिर वार्ड की गलियों में नई सीवरेज-पेयजल लाइन डालने की डिमांड रखी। बैठक में चेयरमैन सहित 12 पार्षदों ने करीब 95 समस्याएं व 80 नई लाइनें डालने की मांगें रखीं। एक्सईएन विशाल कुमार ने पार्षदों को अगले दो दिन में कंडम सीवरेज के ढक्कन बदलवाने और दस दिन में पूरे शहर की सीवरेज ब्लॉकेज खोलने का आश्वासन दिया। करीब 12 बजे पार्षद संतुष्ट होकर बैठक कक्ष से बाहर आए। बैठक में न केवल विभाग व पार्षदों के आपसी गिले-शिकवे दूर होते नजर आए बल्कि पार्षद एक-दूसरे पर चुटकियां लेकर हंसते नजर आए।
पार्षदों ने ये रखीं समस्याएं व डिमांड
वार्ड एक पार्षद प्रतिनिधि जयसिंह लांबा सीवरेज व पेयजल सहित आठ शिकायतें व मांगें रखीं। वार्ड दो पार्षद महेश गुप्ता ने चार गलियों की सीवरेज ब्लॉकेज समस्या, वार्ड पांच पार्षद प्रतिनिधि प्रवीन सैनी ने तीन गलियों की पेयजल समस्याएं, वार्ड छह पार्षद रविंद्र गुप्ता ने चार समस्याएं व मांग, पार्षद विनोद वाल्मीकि ने चार समस्याएं व मांग, वार्ड 18 पार्षद कुलदीप गांधी ने 10 गलियों की समस्याएं, वार्ड 20 पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी ने दो समस्याएं, पार्षद दिनेश जांगड़ा ने सात समस्याएं, वार्ड 17 पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट विक्रम ने नौ मांग व समस्याएं उनके सामने रखी। पार्षद प्रतिनिधि सुभाष स्वामी ने सात, पार्षद प्रतिनिधि दीपक ने छह व वार्ड 21 पार्षद रोहित राजपूत ने आठ गलियों की मांगों व समस्याओं से एक्सईएन को अवगत कराया।
एक्सईएन साहब, शहर को ‘मनफूल’ की जरूरत
वार्ड की समस्याएं गिनवाने के साथ-साथ पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी ने जन स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी मनफूल को दोबारा से काम पर रखने का सुझाव भी दिया। इसे सभी दिग्गज पार्षदों ने भी सराहा। पार्षदों ने हाल ही में चार्ज संभालने वाले एक्सईएन विशाल कुमार को बताया कि मनफूल पुराना कर्मचारी है और उसे शहर के सीवरेज का हर ब्लॉकेज प्वाइंट व पेयजल लाइनों का पता है। इससे विभाग को न केवल मदद मिलेगी बल्कि समस्याओं से भी तुुरंत छुटकारा मिल जाएगा। इस पर एक्सईएन ने एसडीओ को उक्त कर्मचारी को बुलाने के आदेश दे दिए। एक्सईएन का तर्क है कि उसे कांट्रेक्ट बेस पर रखा जाएगा।
अमर उजाला ने कब-कब उठाया सीवरेज का मुद्दा
शहर की ठप सीवरेज व्यवस्था से लोगों को आ रही परेशानियों को अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से उठाया था। अमर उजाला ने गत पांच नवंबर के संस्करण में ‘सीवर लाइन बंद, शिकायत पर भी समाधान नहीं’, गत 25 दिसंबर को ‘ओवरफ्लो सीवरेज से गली में भरा दूषित पानी’, 31 दिसंबर के संस्करण में ‘विभाग के पास सुपर शकर मशीन नहीं, सीवरेज सिस्टम हुआ ठप’, गत आठ फरवरी के संस्करण में ‘प्रिंसिपल सेक्रेटरी की मौजूदगी में भड़के पार्षद, उपायुक्त को दी भूख हड़ताल की चेतावनी’ व गत 13 फरवरी के संस्करण में ‘सीवरेज-पेयजल समस्याओं पर पांच घंटे धरने पर बैठे पार्षद’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की हैं।
फोटो 01
जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारी व पार्षद