फ्लैग : नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के 17 में से आए मात्र 5 करोड़
28 फरवरी तक बकाया टैक्स जमा कराएं, नहीं तो करेंगे प्रोपर्टी जब्त
मेयर बोली, वसूली न होने के लिए निगम खुद जिम्मेदार, नहीं कराया पूरा सर्वे
निगम की कार्रवाई अब तक सील लगाने तक
वसूली के लिए निगम ने बनाई तीन सदस्यीय टीम, हर रोज छह घंटे फील्ड में रहेंगे इंस्पेक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम के अधिकारियों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स वसूली गले की फांस बन गई है। एक तरफ टैक्स के बकाया करोड़ों रुपये निगम वसूलने में नाकाम रहा है, दूसरी तरफ एक बार फिर बकायादारों को चेताया है कि अगर 28 फरवरी तक टैक्स जमा नहीं कराया तो प्रोपर्टी सील कर देंगे। अतीत को देखते हुए अधिकारियों की इस तरह की चेतावनी अब तक बंदर घुड़की ही साबित होती रही हैं।
यूं नहीं वसूल सका निगम करोड़ों का प्रॉपर्टी टैक्स
चालू वित्त वर्ष साल 2017-18 के लिए निगम ने बजट के अंदर पिछले साल प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 17 करोड़ रुपये रखा था, लेकिन अभी तक मात्र 5 करोड़ रुपये वसूली हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स वसूली का टारगेट पूरा न होने के पीछे कई कारण हैं। एक तो बीच में ही प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे रोक दिया गया। दूसरा, नागरिकों के काफी बिल गलत बने हुए हैं। हर रोज दर्जनों लोग बिल ठीक कराने आते हैं। तीसरा, लोगों को उम्मीद थी कि हर साल की तरह इस बार भी सरकार 25 प्रतिशत छूट देगी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। चौथा, निगम के अधिकारी लाखों रुपये बकाया टैक्स जमा न कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करता। चंद बिल्डिंग सील की गई है। यहीं कारण है कि निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 30 प्रतिशत भी नहीं पूरा कर सका।
अब बनाई टीम, हर रोज छह घंटे रहेगी फील्ड में
प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए टैक्स सुप्रीटेंडेंट सुरेंद्र गोयल के नेतृत्व में तीन सदस्य टीम बनाई है। टीम में टैक्स इंस्पेक्टर दिनेश टक्कर व अमन कुमार को भी शामिल किया गया है। गोयल जहां हर रोज आला अधिकारियों को रिपोर्ट देंगे, जबकि दोनों इंस्पेक्टर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक फील्ड में रहकर लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए समझाएंगे।
- जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स आफिसर
हाउस में प्रस्ताव पास, फिर भी नहीं कराया सर्वे
28 नवंबर की मीटिंग में खुद उन्होंने निगम के अधिकारियों से पूछा था कि प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे कब दोबारा शुरू होगा। मीटिंग में अधिकारियों ने कहा था कि एक सप्ताह में आनलाइन डाटा हो जाएगा। इसके बाद सर्वे शुरू कर दिया जाएगा, इसके बावजूद अब तक सर्वे नहीं कराया। अगर सर्वे होता तो न केवल नई यूनिट जुड़ती, बल्कि गलत बिल भी ठीक हो जाते। लोग खुद टैक्स जमा कराने आते। प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की नाकामी के लिए निगम प्रशासन ही जिम्मेदार है।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
28 फरवरी तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएं, नहीं तो कार्रवाई तय : डीएमसी
बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। तय समय अवधि तक टैक्स जमा न कराने वालों के खिलाफ नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 130 व 131 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बकायादारों को निगम पहले ही नोटिस दे चुका है। अब निगम संपत्ति सील करने की कार्रवाई करेगा। गाड़ी या दूसरी प्रॉपर्टी की कुर्की करवाकर रिकवरी की जा सकती है।
- इंद्रजीत कुलड़िया, डीएमसी नगर निगम