नो एंट्री में घुसे डंपर से हुआ था हादसा, देर रात दूसरी बहन ने भी दम तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर में भारी वाहन बेधड़क नो एंट्री में घुस रहे हैं और पुलिस चुप्पी साधे हुए है। नेशनल हाईवे पर ये भारी वाहन काल बनकर दौड़ रहे हैं, जिनसे हादसे में आए दिन लोगों की जान जा रही है। सोमवार शाम को नो एंट्री में घुसे डंपर ने शादी की खरीदारी कर घर बहन और चाची संग घर लौट रही स्कूटी सवार युवती को मटका चौक के पास टक्कर मार दी थी। इसमें युवती को अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था, जबकि पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते वक्त देर रात छोटी बहन ने भी दम तोड़ दिया, जबकि चाची का इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि, प्रशासन नो एंट्री में भारी वाहनों को घुसने नहीं देता तो उनकी बच्चियां उनके पास होतीं। मंगलवार को पुलिस ने दो बहनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। दोपहर बाद गमगीन माहौल में दोनों बहनों का गांव फतेहगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया।
बता देें कि शहर के बीचोंबीच से निकल रहे ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के चलते सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ने पर 14 सितंबर को प्रशासन की ओर से शहर के बीच से निकल रहे नेशनल हाईवे पर दिन में भारी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी लगा दी थी। सुबह आठ बजे से लेकर रात आठ बजे तक कोई भी भारी वाहन शहर के बीच से नहीं निकलने देने के आदेश दिए गए थे। कुछ दिन शहर के बीच से भारी वाहनों के निकलने पर प्रतिबंध रहा, मगर धीरे-धीरे फिर ट्रक धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ने लगे। मंगलवार को शाम करीब साढ़े चार बजे शहर के बीचोंबीच मटका चौक पर नो एंट्री में घुसे डंपर ने स्कूटी सवार फतेहगढ़ निवासी किरण (24), उसकी बहन दिव्य (22) और उनकी चाची नीलम को टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद तीनों को अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां किरण को चिकित्सकों ने तुरंत मृत घोषित कर दिया था, जबकि उसकी बहन दिव्या की हालत को गंभीर देखते हुए पीजीआई रेफर किया गया। पीजीआई जाते हुए देर रात दिव्या की भी मौत हो गई। चाची नीलम का उपचार अस्पताल में चल रहा है। मंगलवार सुबह दोनों बहनों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया और शवों को परिजनों के हवाले सौंप दिया गया।
प्रशासन बरत रहा ढील
अगस्त और सितंबर में ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से हुए हादसों में करीब 14 लोगों की जान चली गई थी। लगातार होते सड़क हादसों के बाद प्रशासन की नींद खुली और तेज रफ्तार दौड़ते ट्रकों समेत भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर डीसी रोहताश सिंह खरब ने आदेश जारी किए। यह आदेश 14 सितंबर से ही लागू किए गए थे। इसके तहत शहर के बीचों-बीच से निकलते एनएच-73 पर ट्रकों समेत भारी वाहनों की सुबह आठ से रात आठ बजे के बीच पाबंदी लगाई गई थी। इस पर एसपी राजेश कालिया ने ट्रैफिक पुलिस के साथ स्ट्रैटजी बनाई और जगह-जगह नो-एंट्री के बोर्ड सहित पुलिस नाके भी लगवाए, लेकिन अब इसमें ढिलाई बरती जा रही है।
गांव पंजेटों में तय हुई थी किरण की शादी
गांव फतेहगढ़ निवासी जगपाल ने बताया कि उसकी भतीजी किरण की शादी गांव पंजेटो में तीन दिसंबर को होनी तय हुई थी। किरण ने जेबीटी की थी और उसकी छोटी बहन सीटेट की तैयारी कर रही थी। किरण की शादी को लेकर पूरे परिवार में उत्साह था। सभी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। शादी की खरीदारी के लिए ही किरण, दिव्या व उसकी पत्नी नीलम जगाधरी आई थी। खरीदारी कर घर लौटते हुए हादसा हो गया।
गमगीन माहौल में हुआ दोनों बहनों का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम कार्रवाई के बाद दोनों बहनों के शवों को परिजन जब गांव फतेहगढ़ लेकर पहुंचे तो हर कोई विलाप करने लगा। सबसे बुरा हाल परिजनों का था। परिजन बार बार बेसुध हुए जा रहे थे। अन्य रिश्तेदार उन्हें संभालने में लगे थे। दोपहर बाद दोनों बहनों के शवों को एक साथ सोम नदी किनारे श्मशान घाट पर ले जाया गया। जहां गमगीन माहौल में दोनों बहनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सुबह आठ से रात आठ बजे तक शहर में भारी वाहनों पर पाबंदी विश्वकर्मा चौक से लेकर बस स्टैंड जगाधरी चौक तक है। जिस डंपर से हादसा हुआ वह अंबाला की तरफ से आया। शहर के बीच वाहनों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई हुई है।
इंस्पेक्टर निर्मल सिंह, एसएचओ, यातायात थाना यमुनानगर।