ऑनलाइन सिस्टम के फेर में फंसे हजारों छात्र, मेरिट के बाद भी नहीं मिला प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से शुरू हुए ऑनलाइन प्रक्रिया के फेर में हजारों छात्र प्रवेश की दौड़ से बाहर हो गए। अधिकतर छात्रों ने जहां फार्म में गलत जानकारी भरी, वहीं कुछ ने वेटेज के चक्कर में गलती कर बैठे। अब कॉलेजों में काउंसिलिंग के दौरान फार्म में की गईं गलतियों का खुलासा हो रहा है।
पहली बार सरकारी के साथ-साथ एडेड और प्राइवेट कॉलेजों में भी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के तहत फार्म भरे गए थे। पांच जुलाई को स्नातक की पहली मेरिट जारी हुई। मेरिट में आने वाले छात्रों ने 10 जुलाई तक कॉलेजों में पहुंचकर काउंसिलिंग कराई। इस दौरान फार्म भरने में लापरवाही के जो मामले सामने आए उससे कॉलेज भी असमंजस में फंसे हुए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पहली मेरिट जारी होने के बाद भी अधिकतर कॉलेजों में 10 फीसदी सीट भी पूरी नहीं हो सकी। ऑनलाइन फार्म भरने में छात्रों ने 12वीं के परिणाम के स्थान पर रि-अपीयर भर दिया तो कहीं वेटेज लेने के लिए फार्म में गलत जानकारी दे दी। उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से भी इन छात्रों की अंकों के आधार पर मेरिट तैयार कर दी गई। लेकिन जैसे ही यह छात्र कॉलेजों में काउंसिलिंग के लिए पहुंचे तो कुछ को गलत फार्म भरने के कारण एडमिशन नहीं मिल सका तो अधिकतर छात्र वेटेज का प्रमाण पत्र ही नहीं दिखा सके। पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज की बात करें तो पहली मेरिट में करीब 500 एडमिशन भी पूरे नहीं हो सके। यहीं हाल दूसरे कॉलेजों का भी है।
दूसरी मेरिट में भी नहीं मिला स्थान
फार्म में गलत जानकारी भरने वाले कुछ छात्रों ने दूसरी मेरिट में आने के लिए उसे ठीक भी कर दिया था, लेकिन सोमवार को जारी हुई दूसरी मेरिट में भी उनका स्थान नहीं आया। ऐसे में इन छात्रों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं लग रहा। फिलहाल सीटें पूरी करने के लिए कॉलेज भी 13 जुलाई को जारी होने वाली तीसरी मेरिट का इंतजार कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में छात्रों ने फार्म में गलत जानकारी भर रखी है। अधिकतर ने वेटेज का कॉलम भर दिया, लेकिन उनके पास वेटेज का कोई प्रमाण पत्र ही नहीं है। इसीलिए इन छात्रों को एडमिशन नहीं दिया गया।
- डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, प्राचार्य, पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज