वैश्य संस्था में तीन गुटों ने ठोकी ताल, पहली बार कई नए चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
वैश्य संस्था के चुनावी दंगल में तीन अलग-अलग गुटों ने ताल ठोक दी है। इस चुनाव में पहली बार कई नए चेहरे भी किस्मत आजमाने के लिए तैयार हैं। तीन पैनलों के पांच-पांच पदाधिकारी और गवर्निंग बॉडी के 16 सदस्यों के लिए 29 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। सभी को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए हैं।
दो जुलाई को कॉलेजियम के चुनाव के बाद सोमवार को गवर्निंग बॉडी के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए गए। नौ से 12 बजे तक चली इस प्रक्रिया में महाराजा अग्रसेन नव चेतना मंच की तरफ से अनिल आर्य, नवीन जैन और विकास गोयल गुट ने अपने-अपने गुट के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया। चुनाव अधिकारी अमित गुलिया की देखरेख में नामांकन प्रक्रिया के बाद उनकी छटनी और फिर नाम वापसी कराई गई। नवीन जैन गुट की तरफ से सचिव पद के लिए चंद्र गर्ग और श्याम सुंदर का नामांकन कराया गया था, लेकिन बाद में श्याम सुंदर ने नामांकन पत्र वापस ले लिया। नाम वापसी के बाद सभी गुटों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए हैं। अनिल आर्य गुट को रोड रोलर, नवीन जैन गुट को कप प्लेट और विकास गोयल गुट को ट्रक का निशान मिला। इसके अलावा गवर्निंग बॉडी के 16 सदस्यों के लिए 29 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। संस्था के चुनाव में ऐसा पहली बार हो रहा है कि चुनावी मैदान में अधिकतर युवा ही किस्मत आजमा रहे हैं। कई नए ऐसे चेहरे हैं जो पहली बार चुनावी दंगल में उतरे हैं। हालांकि अब यह तो 14 जुलाई को होने वाले चुनाव में ही पता चलेगा कि युवा अपनी साख बचा पाते हैं या फिर नहीं? नामांकन प्रक्रिया समाप्ति के बाद फिलहाल 105 कॉलेजियम के जोड़तोड़ का खेल शुरू हो गया है।
यह है अनिल आर्य पैनल की प्रोफाइल
चुनाव चिह्न : रोड रोलर
- अनिल आर्य : प्रधान पद के लिए मैदान में है। गैस टैंकर का व्यापार करते हैं। इससे पहले वैश्य पब्लिक स्कूल के मैनेजर रह चुके हैं। गवर्निंग बॉडी के लिए पहली बार मैदान में है।
- अंकित गुप्ता : उप प्रधान पद के लिए नामांकन किया है। अंकित सीमेंट का व्यापार करते हैं। वह भी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं।
- अजय गुप्ता : सचिव पद के लिए किस्मत आजमा रहे हैं। वे गर्वनमेंट कांट्रेक्टर हैं। अजय गुप्ता भी पहली बार ही गवर्निंग बॉडी का चुनाव लड़ रहे हैं।
- अंकित बंसल : सहसचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं और वकालत करते हैं। इन्होंने भी पहले कभी गवर्निंग बॉडी का चुनाव नहीं लड़ा।
- नितिन जैन बंसल : कोषाध्यक्ष के लिए नामांकन किया है। यह भी वकालत करते हैं। इससे पहले कॉलेजियम सदस्य रह चुके हैं और विधायक का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
यह है नवीन जैन पैनल की प्रोफाइल
चुनाव चिह्न : कप प्लेट
- नवीन जैन : प्रधान पद के दावेदार हैं। गवर्निंग बॉडी में वर्ष 2009 से 2012 तक प्रधान रह चुके हैं। 2000 से 2003 तक वैश्य कॉलेज ऑफ एजुेकशन में मैनेजर और 2004 से 2007 तक जैन सभा रजिस्ट्रड रोहतक में भी प्रधान रह चुके हैं। खरावड़ स्थित सांई बाबा मंदिर में ट्रस्टी भी है। लोहे का कारोबार करते हैं।
- नरेश गुप्ता : उप प्रधान पद के दावेदार हैं। किताबों का कारोबार करते हैं। गवर्निंग बॉडी में पदाधिकारी के लिए पहली बार चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं।
- चंद्र गर्ग : सचिव पद चुनाव लड़ रहे हैं। दो बार वैश्य संस्था में सचिव के पद पर रह चुके हैं और रोटरी क्लब के प्रधान पद पर भी रह चुके हैं।
- राहुल जैन : सह सचिव पद के लिए मैदान में है। कॉलेजियम सदस्य रह चुके हैं और पहली बार गवर्निंग बॉडी में पदाधिकारी का चुनाव लड़ रहे हैं। इंड्रस्टियल पैकिंग का कारोबार करते हैं। गणपति पूजा मंडल बाबरा मोहल्ले के प्रधान भी है।
- राजीव बेरीवाल : कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। गारमेंट्स का कारोबार करते हैं। पूर्व प्रधान मनमोहन गोयल के समय में सह सचिव के पद पर रह चुके हैं।
यह है विकास गोयल पैनल की प्रोफाइल
चुनाव चिह्न : ट्रक
- विकास गोयल : प्रधान पद के लिए मैदान में है और पूर्व प्रधान जीवनराम गोयल के बेटे हैं। पिछली बार भी कॉलेजियम सदस्य रह चुके हें। कपड़े और धागे का कारोबार करते हैं।
- संजय सिंघल : उप प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। बहादुरगढ़ के रहने वाले हैं और गवर्निंग बॉडी के दो बार सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स में भी उप प्रधान के पद पर है।
- विवेक गोयल : सचिव के पद पर मैदान में हैं। इससे पहले कॉलेजियम सदस्य और गवर्निंग बॉडी के सदस्य रह चुके हैं। मेडिकल का कारोबार करते हैं।
- कैलाश चंद जैन : सह सचिव पद पर चुनाव लड़ रहे हैं। दिल्ली में व्यापार करते हैं।
- पवन खरकिया : कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में है। पिछली बार प्रधान पद और उससे पहले कोषाध्यक्ष पद के लिए भी किस्मत आजमा चुके हैं।
हारे हुए कॉलेजियम ने भी की प्रधानी की दावेदारी, फिर लिया फार्म वापस
नामांकन के दौरान सुरेश गुप्ता की तरफ से भी प्रधानी के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया गया। जबकि वह कॉलेजियम सदस्य का चुनाव हार चुके हैं। इसके बावजूद उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया। ऐनवक्त पर उन्हें नामांकन फार्म वापस ले लिया। इसके अलावा मुन्नीलाल गर्ग ने भी गवर्निंग बॉडी के सदस्य के लिए नामांकन किया है। वह भी कॉलेजियम का चुनाव हार चुके हैं।
पुराने दिग्गजों ने बनाई चुनाव दूरी, युवाओं में दिखी लालसा
वैश्य संस्था के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ हो जो पुराने दिग्गजों ने चुनाव से दूरी बना ली। पूर्व प्रधान मनमोहन गोयल और पूर्व प्रधान गिरीश चंद गुप्ता आदि कई ऐसे दिग्गज है जिनकी अपनी अलग पहचान है। नामांकन से पहले माना जा रहा था कि यह लोग भी दावेदारी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इन्होंने किसी न किसी को समर्थन देकर मैदान में उतार दिया। इसके अलावा निवर्तमान प्रधान राजेंद्र बंसल ने भी नामांकन से दो दिन पहले चुनाव लड़ने से इनकार दिया।
गवर्निंग बॉडी के 16 सदस्यों के लिए ये हैं दावेदार
महाराजा अग्रसेन नव चेतना मंच की तरफ से भिवानी से आनंद बासिया, पानीपत से राधेश्याम, दिल्ली से विनय, हिसार से सनत कुमार, रोहतक से आनंद जैन, सोनीपत से संजय सिंगला जैन, संदीप गुप्ता, राधेश्याम और मनीष जैन ने नामांकन किया है। इसके अलावा आदिश जैन, अनिल बंसल, अनिल कुमार बिंदल, मदनलाल गोयल, मनीष बंसल, मुन्नीलाल गर्ग, प्रमोद गर्ग, प्रमोद गुप्ता, राधेश्याम, राजेश जिंदल, रामधन गोयल, संजीव गोयल, सौरभ गोयल, सुभाष गुप्ता, सन्नी गोयल, सुरेश मित्तल, सुशील कुमार गुप्ता, उमेश गोयल, विनोद कुमार गोयल और विकास गोयल ने भी नामांकन किया है।