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चैंबर में डॉक्टर ने बना रखा था मेडिकल स्टोर, एक्सपायरी दवा देने पर परिजनों का हंगामा

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चैंबर में डॉक्टर ने बना रखा था मेडिकल स्टोर, एक्सपायरी दवा देने पर परिजनों का हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। यहां के गर्ल्स आईटीआई के पास स्थित एक निजी अस्पताल के चिकित्सक को एक महिला मरीज को एक्सपायरी डेट की दवाई देना महंगा पड़ गया। दवाई लेने के बाद महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई। इससे भड़के परिजनों और मोहल्लावासियों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना पर एसएचओ पहुंच गए। बाद में ड्रग इंस्पेक्टर ने अस्पताल में पहुंच दवाइयों की जांच की। थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने परिजनों को चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
शहर की नई मंडी निवासी रेणु रविवार को गर्ल्स आईटीआई के नजदीक स्थित एक निजी अस्पताल में जांच के लिए गई थीं। वहां चिकित्सक ने महिला की जांच कर दवाई दे दी। महिला ने घर आकर इन दवाओं को लिया तोे उसे बेचैनी के साथ पेट में दर्द होने लगा। इसके बाद परिजनों ने दवाएं देखीं तो वे एक्सपायर निकलीं। इसके बाद परिजन दवाइयां लेकर आरोपी चिकित्सक के पास पहुंच गए। आरोप है कि शिकायत करने के दौरान चिकित्सक ने उनके हाथ से पर्ची और एक्सपायरी दवाएं छीन लीं। साथ ही उन्हें एक्सपायरी दवाओं से नुकसान नहीं होने की बात समझाने लगा। इसके बाद परिजन भड़क गए और उन्हें अन्य लोगों को बुलाकर हंगामा खड़ा कर दिया। कुछ ही देर में भीड़ एकत्रित हो गई।
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हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
हंगामे की सूचना पाकर पुलिस भी निजी अस्पताल पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे मेडिकल स्टोर को सील करने और आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद शहर थाना प्रभारी रणजीत सिंह मौके पर पहुंचे और अस्पताल से भीड़ को बाहर निकालने का प्रयास किया। इसका लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने पीड़ित के परिजनों की ओर से एक व्यक्ति को चिकित्सक के कक्ष में बैठाया। जिससे वह चिकित्सक पर नजर रख सके।
परिजनों ने पुलिस से की शिकायत
एक्सपायरी डेट की दवाइयां बचने और उनके अधिक पैसे वसूलने के खिलाफ मरीज महिला रेणु के साथ पहुंचीं उसकी ननद दीपिका गोयल ने शहर थाना प्रभारी से लिखित शिकायत की है। शिकायत में दीपिका ने आरोप लगाया कि चिकित्सक मरीजों को एक्सपायरी दवाइयां दे रहे हैं। इसलिए उनके अस्पताल में चल रहे मेडिकल स्टोर को सील किया जाए।
दवाईयों के पत्तों को टुकड़ों में काटकर दी
आरोप लगाया कि एक्सपायरी डेट की दवाइयाें की पहचान न हो, इसके लिए चिकित्सक बड़ी चालाकी से दवाइयों के पत्तों को टुकड़ों में काटकर दे रहे हैं। साथ ही दवाइयों के पत्तों पर प्रिंट रेट को मार्कर से दबा दिया जाता है। इसके बाद मरीजों से मनमाने दाम वसूल किए जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन
हंगामा कर रहे मरीज महिला के परिजनों ने अस्पताल में चल अवैध मेडिकल स्टोर को सील करने की मांग के लिए कई बार नारनौल सीएमओ और ड्रग अधिकारियों के पास फोन किए, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद परिजनों और अन्य लोगों को गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने अस्पताल के बाहर चिकित्सक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सीएम आफिस के नंबर लेकर उन पर फोन किया। वहां फोन तो रिसीव हो गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। सीएम आफिस ने फोन करने वाले को उपायुक्त से शिकायत करने की सलाह दी।
करीब तीन घंटे बाद पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर
पुलिस की सूचना के बाद करीब साढ़े चार बजे ड्रग इंस्पेक्टर हेमंत ग्रोवर अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। उनकी जांच में मेडिकल स्टोर संचालन करने का लाइसेंस चिकित्सक के पास नहीं मिला। साथ ही कुछ एक्सपायरी डेट की दवाइयां भी बरामद हुईं। समाचार लिखे जाने तक ड्रग इंस्पेक्टर की टीम कार्रवाई कर रही थी।
निजी अस्पतालों में नहीं चल सकते मेडिकल स्टोर
स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार कोई भी निजी चिकित्सक अपने अस्पताल में मेडिकल स्टोर नहीं खोल सकता। लेकिन, नारनौल शहर के सभी निजी अस्पतालों में मेडिकल स्टोर चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत कभी नहीं उठाई। इस कारण निजी अस्पतालों में खुल रहे मेडिकल स्टोर दोनों हाथों से मरीजों को लूटने में लगे हैं।
परिजनों ने लगाया चिकित्सक पर मिलीभगत करने का आरोप
हंगामा कर रहे मरीज महिला के परिजनों ने चिकित्सक पर अधिकारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस के आने के बाद भी चिकित्सक बंद कमरे में अपने परिचितों के साथ बैठकर फोन पर सेटिंग करने में लगे रहे। उन्होंने शक जताया कि ऐसे में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकेगी।
थाना प्रभारी ने परिजनों को दी केस दर्ज करने की चेतावनी
सूचना पर पहुंचे शहर थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने अस्पताल में जमा भीड़ को बाहर करते हुए पुलिस के कार्रवाई करने की बात कही। इस पर परिजनों और भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। थाना प्रभारी ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए भीड़ को गेट से बाहर कर दिया। इसका परिजनों ने विरोध किया तो थाना प्रभारी ने हंगामा कर रहे परिजनों और भीड़ को उनके खिलाफ ही केस दर्ज करने की चेतावनी दे डाली। इसके बाद थाना प्रभारी ने धीरे-धीरे लोगों को शांत किया।

नई मंडी निवासी महिला रेणु के परिजनों की शिकायत पर चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शिकायत के आधार पर छानबीन की जा रही है। छानबीन में जो भी सामने आएगा उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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-रणजीत सिंह, शहर थाना प्रभारी नारनौल।

निजी अस्पताल में जांच के दौरान एक्सपायरी डेट की कोई भी दवा नहीं मिली। जो दवा मरीज को दी गई है, उसकी जांच की जा रही है। अस्पताल संचालक को इसके लिए ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। - हेमंत ग्रोवर, ड्रग इंस्पेक्टर, जिला महेंद्रगढ़

मेरे अस्पताल में एक्सपायरी डेट की कोई दवाई नहीं है। यदि कोई दवाई गलती से चली गई है तो वे उसकी जांच कर रहे हैं। - एमआर मक्कड़, आरोपी चिकित्सक
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