रेवाड़ी। केंद्र सरकार द्वारा पबजी सहित 118 चीनी एप पर प्रतिबंध लगाने के बाद उन अभिभावकों को राहत मिली है जिनके बच्चे पबजी प्लेयर्स थे। अभिभावकों का मानना है कि सरकार द्वारा देशहित में लिया गया यह निर्णय बच्चों को भी मानसिक रूप से स्वस्थ एवं तनाव मुक्त बनाए रखने में सहायक होगा। लेकिन पबजी बंद किए जाने से बच्चों में निराशा भी है। लेकिन पबजी प्लेयर्स ने प्ले स्टोर पर इसका विकल्प तलाशना भी शुरू कर दिया है। सरकार द्वारा देश की अखंडता के लिए यह निर्णय लिया गया है।
कोरोना संकट के कारण लिए गए लॉकडाउन के दौरान बच्चों में भी पबजी सहित अन्य ऑनलाइन गेम्स की लत लग गई थी। ऐसे समय में इस निर्णय से अभिभावकों को राहत मिली है। केंद्र सरकार के इस निर्णय को अभिभावकों ने सराहा है। वहीं युवाओं ने भी देशहित में लिए गए इस निर्णय को खुले मन से स्वीकार किया है। अमर उजाला से परिचर्चा में अभिभावकों, बच्चों व युवाओं ने खुलकर अपने विचार रखे।
- सरकार का यह निर्णय देशहित में: ओमकार वर्मा
शहर के भजन का बाग निवासी अभिभावक ओमकार वर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय देशहित में है। बच्चों को अब पढ़ाई के लिए पूरा समय मिलेगा। इससे स्वदेशी एप को भी बढ़ावा मिलेगा। चीन के एप देश की सुरक्षा के लिए खतरा भी थे।
- अब शिक्षण गतिविधियों में देंगे अधिक ध्यान : अरनव गुप्ता
छात्र अरनव गुप्ता ने बताया कि पबजी बंद होने से कुछ निराशा जरूर है। लेकिन अब ऑनलाइन शिक्षण संबंधित क्रियात्मक कार्यों में अधिक ध्यान देंगे। देशहित में लिया गया हर निर्णय स्वीकार है। स्वदेशी को बढ़ावा मिलेेगा।
- अब नहीं पड़ेंगी डांट : तुषार
कंपनी बाग निवासी तुषार ने बताया कि पबजी खेल में दिनभर समय व्यर्थ होता था तो परिजन भी डांटते थे। लेकिन मनोरंजन भी होता था। अब टीवी पर कार्यक्रम देखने के साथ-साथ अधिक समय पढ़ाई पर भी देंगे। पबजी के कारण उन्हें परिजनों की डांट भी खानी पड़ती थी।
- स्वदेशी एप को मिलेगा बढ़ावा: जय भारद्वाज
शहर निवासी छात्र जय भारद्वाज का मानना है कि चीन के एप को प्रतिबंध करने से स्वदेशी एप को बढ़ावा मिलेगा। चीन के एप की अपेक्षा स्वदेशी एप से देश की सुरक्षा को भी कोई खतरा नहीं रहेगा। बच्चों को भी इस लत से छुटकारा मिलेगा।
- सरकार का निर्णय देश हित में : महेश शास्त्री
शहर निवासी महेश शास्त्री ने बताया कि भारतीय नेटवर्क से चीन के एप का हटना एक नहीं अनेक प्रकार से भारत के हित में है। आवश्यकता आविष्कार की जननी है के अनुसार युवा नई खोज करेंगे जिससे राष्ट्र सशक्तिकरण का विकास होगा। दूसरा अहम विषय भारत की गोपनीयता भंग होने से बचेगी।
- स्वदेशी प्रेम को मिलेगा बढ़ावा: रामौतार
प्रवक्ता रामौतार शास्त्री ने बताया कि देशवासियों में स्वदेशी के प्रेम होगा और राष्ट्रभक्ति की भावना का विस्तार होगा। मोबाइल आज के डिजिटल युग की आवश्यकता है। लेकिन इसका दुरुपयोग कर बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था उससे भी अब निजात मिलेगी।
- मोबाइल के सभी गेमों पर लगे प्रतिबंध : सचिन शर्मा
छात्र सचिन शर्मा का कहना है कि मोबाइल के सभी गेम्स पर प्रतिबंध लगे। आधुनिक युग में मोबाइल आवश्यकता बन गया है। बच्चों में ऑनलाइन गेमों का अधिक चलन हो गया था। सरकार सभी मोबाइल गेम्स पर रोक लगाए जिससे शिक्षा के साथ-साथ रोजगार की ओर रुझान हो सके।
- मिल गई पबजी से मुक्ति : कुसुम
शहर के विजयनगर निवासी कुसुम ने बताया कि लंबे समय से पबजी सरकार के निशाने पर था। आखिर पबजी से मुक्ति मिल ही गई। बच्चों का शिक्षा की ओर ध्यान न होकर ऑनलाइन खेलों पर अधिक ध्यान बढ़ रहा था। पबजी की लत के कारण बच्चे भी तनावग्रस्त रहते थे।
- ऑनलाइन गेम्स की लत से मिलेगा छुटकारा : बीना शर्मा
अध्यापिका बीना शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बच्चों में मोबाइल गेम्स की अधिक लत लग गई थी। ऑनलाइन शिक्षा पर भी ध्यान नहीं दे रहे थे। होमवर्क करने को मोबाइल देते थे तो बच्चे एकांत में जाकर गेम खेलना शुरू कर देते थे। सभी ऑनलाइन गेम्स को बंद करना भी जरूरी है।
- स्वदेश एप मार्केट में होगी नये गेम्स की भरमार : भाविका सैनी
भाविका सैनी ने बताया कि पबजी बंद होने के बाद अब स्वदेशी गेम्स की भरमार रहेगी। सरकार को चाहिए कि इस प्रकार के गेम्स पर भी प्रतिबंध लगाए। सरकार का यह निर्णय देश की अखंडता एवं सुरक्षा की दृष्टि से सही है। चीन जैसे देश को झटका देना उचित है।
- मोबाइल डिजिटल युग की आवश्यकता : गरीमा राव
गरीमा राव ने बताया कि मोबाइल आधुनिक युग की आवश्यकता जरूरी है। लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। पबजी सहित अनेक गेम्स पर प्रतिबंध लगाना देशहित में है। चीन के साथ चल रहे तनाव के दौरान सरकार ने सही समय पर सही निर्णय लेकर चीन की आर्थिक स्थित को हिला दिया है।
- स्वदेशी एवं आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा : भावेश राव
भावेश राव ने बताया कि चीन जैसे देश को सबक सिखाने के लिए सरकार द्वारा पहले ही अनेक एप प्रतिबंधित कर दिए थे। वहीं अब दोबारा लिया गया यह निर्णय देशहित में है। युवा देशहित के लिए नई खोज में अपनी ताकत लगाएं। स्वदेशी अभियान एवं आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिलेगा।