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सांड़ों से राहत के लिए मास्टर प्लान तैयार, धारूहेड़ा के बाद कोसली में जगह चिह्नित

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कैप्शन नंबर 30 रेवाड़ी। शहर की धारूहेड़ा चुंगी के नजदीक सड़क के बीचोंबीच दौड़ता सांड। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। सड़कों पर चारों ओर घूम रहे आवारा सांड व बेसहारा गोवंश के आतंक से लगातार हो रही मौत व दुर्घटनाओं के बाद लोगों के रोष के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए जिला के लोगों को राहत देने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। रेवाड़ी शहर के साथ बावल व धारुहेड़ा के अलावा कोसली में गऊशाला बनाने के जगह चिह्न्ति कर ली गई है। इसी तरह की जिला 8 नंदीशाला व गोशलाओं का निर्माण कर सड़कों व खेतों में घूमने वाले गोवंश को रखा जाएगा। बता दें कि 12 अगस्त को शहर के कायस्थावाड़ा चौक पर फोटो स्टूडियो संचालक संजय उर्फ डोली को लड़ते हुए सांडों ने कुचल दिया था, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं इसी बीच शहर के आईओसी चौक पर भी ऑटो के सामने एक गोवंश के आने से ऑटो पलट गया था, जिससे उसमें सवार एक सवारी की मौत हो गई थी। वहीं बीते बुधवार को कंपनी के लिए घर से निकले गुलकेश को भी सांड ने पटक-पटकर मौत के के घाट उतार दिया था। इसके चलते अब शहर ही नहीं गांवों में भी लोगों को घरों से निकलने में डर लगने लगा है।
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-घर के बाहर खड़े पूर्व पार्षद पर सांड ने किया हमला, हाथ तोड़ा
सांडों का आंतक रुकने का नाम नहीं ले रहा है, यहीं कारण है कि आए दिन हादसे हो रहे हैं। बुधवार देर शाम शहर के आनंद नगर निवासी पूर्व पार्षद ओमप्रकाश सैनी पर घर के बाहर ही सांड ने हमला कर दिया। इस हमले में पूर्व पार्षद के हाथ में फ्रेक्चर होने के साथ ही कई चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि जिस वक्त सैनी घर के बाहर खड़े हुए थे सांड उनके पीछे दौड़ पड़ा। सांड ने इतनी तेज टक्कर मारी की ओमप्रकाश दूर जा पड़े। मौके पर आसपास के लोगों ने सांड को भगाकर पूर्व पार्षद को बचाया।
-लगाई धारा-144, पशुओं को खुला छोड़ने पर होंगे मुकदमे दर्ज
जिलाधीश यशेंद्र सिंह ने जिले में सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने के कारण सार्वजनिक खतरों, उपद्रव, दुर्घटनाओं और फसलों को नुकसान को देखते हुए जिले में तुरंत प्रभाव से आपराधिक प्रकिया अधिनियम की धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं। जिसके तहत मवेशियों के मालिकों को निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी जानवर को आवारा न छोड़ें। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, एसईपीओ, ग्राम सचिव व सरपंच आवारा घूमने वाले पशुओं को पकड़ने के लिए व्यापक प्लान बनाएं। जिले में उप निदेशक, पशुपालन और डेयरी विभाग इस कार्य के नोडल अधिकारी होंगे तथा आदेशों कि पालन करना सुनिश्चित करेंगे। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत पकड़े गए आवारा पशुओं की संख्या की दैनिक रिपोर्ट से जिला प्रशासन को अवगत कराएं।
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-बेसहारा पशुओं से निजात के लिए मास्टर प्लान तैयार : डीसी
जिले में लगातार बेसहारा पशुओं के हमलों से लोगों में डर के सवाल पर डीसी ने कहा कि सभी को मिलकर इस समस्या से निजात पाना होगा। जिला प्रशासन की ओर से शहर से लेकर गांवों तक सभी लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशालाओं व नंदीशालाओं में भेजा जाएगा। गोशालाओं में जगह नहीं होने के सवाल पर डीसी ने कहा कि धारुहेड़ा के बाद कोसली में भी गोशला के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। इस प्रकार से जिलाभर में 8 से ज्यादा गोशलाओं व नंदीशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए एक सप्ताह के अंदर मास्टर प्लान तैयार हो जाएगा। जिम्मेदारों के सवाल पर डीसी ने कहा कि इन पशुओं को उठाने की जिम्मेदारी पूरी तरह नगर परिषद की है, लेकिन पशुपालन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। सभी विभागों के साथ मिलकर जन सहयोग के साथ इस समस्या से निपटा जाएगा।
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