रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) लोकेश गुप्ता की अदालत ने पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं के एक मामले में आरोपी युवक को नियमित जमानत प्रदान कर दी है।
आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि शिकायतकर्ता द्वारा समान घटनाक्रम पर एक अन्य एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी जिसमें गवाहों ने अभियोजन का साथ नहीं दिया। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में पीड़िता, उसके दादा-दादी सहित कई अहम गवाह अदालत में अपने बयानों से मुकर गए हैं।
सह-आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं और आरोपी युवक जून 2024 से न्यायिक हिरासत में है। वहीं पीड़िता पक्ष की तरफ से दलील दी गई कि एफएसएल रिपोर्ट में मिले सैंपल मेल खाते हैं, इसलिए जमानत का विरोध किया गया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि ट्रायल में समय लगने की संभावना को देखते हुए आरोपी को आगे जेल में रखना आवश्यक नहीं है। अदालत ने आरोपी को जमानत देने का आदेश दिया। साथ ही शर्तें लगाईं कि वह गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा और कानून का पालन करेगा।
यह था पूरा मामला
यह मामला थाना मॉडल टाउन में जून 2024 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पोती को रात के समय बहला-फुसलाकर ले जाया गया। जांच के दौरान अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी।