रेवाड़ी। गुरुग्राम के गांव खेड़की निवासी नरेश के आत्महत्या केस ने नया मोड ले लिया है। नरेश ने अपने 24वें जन्मदिन पर पंखें के साथ फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। नरेश की 4 महीने पहले ही शादी हुई थी। उसके ससुराल से यह होटल केवल 25 किलोमीटर दूर है।
इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें नरेश होटल में आता-जाता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को अस्पताल में शव लेने पहुंचे युवक के परिवार ने मामले में सवाल उठाए हैं।
आत्महत्या मामले में परिवार के चार सवाल
1. नरेश के चचेरे भाई गोपाल ने कहा कि रेवाड़ी से सचिन का केवल ससुराल का लिंक है और वो भी बहुत कम आता था। वह कंपनी में जाने की बजाय यहां कैसे पहुंचा?
2. उसने बाइक धारूहेड़ा पार्किंग में खड़ी की तो यहां किसके साथ आया। अकेला आया तो फिर यहां होटल किस लिए आया।
3. होटल में दिन में उससे कोई मिलने आया या वह खुद बाहर गया तो होटल कर्मियों को यह बात स्पष्ट करनी चाहिए।
4. केवल आत्महत्या करने के लिए कोई घर से 40 किलोमीटर दूर क्यों आएगा। सीसीटीवी में नरेश अकेला दिख रहा है। परिवार ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
होटल के रूम नंबर 405 में ठहरा था नरेश
नरेश ने 12वीं पास करने के बाद आईटीआई की हुई थी। वह गुरुग्राम की एक कंपनी में क्वॉलिटी सुपरवाइजर था। इस कंपनी में बाइक के स्पेयर पार्ट्स बनते थे। 2 अप्रैल रेलवे रोड स्थित सचिन होटल में फंदा लगाया था। वो होटल के रूम नंबर 405 में ठहरा था।
चेकआउट नहीं करने पर स्टाफ को हुआ शक
जब देर शाम तक नरेश ने चेकआउट नहीं किया तो होटल स्टाफ कमरे पर पहुंचा। दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। होटल स्टाफ ने घटना की सूचना होटल मालिक को दी। पुलिस ने फिर से नरेश के कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने कमरे के दरवाजे को तोड़ा। जब पुलिस कमरे के अंदर गई तो नरेश का शव फंदे पर लटकता मिला था। बेड के ऊपर स्टूल रखा हुआ था और नरेश ने पंखें के साथ फंदा लगाया हुआ था। नरेश ने पांवों में जुराब पहनी हुई थी।
मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
नरेश की पिछले साल 10 दिसंबर को सुमाखेड़ा में शादी हुई थी। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वीरवार सुबह नरेश गांव खेड़की अपने घर से कंपनी जाने के लिए निकला था। कंपनी जाने की बजाय धारूहेड़ा पहुंचा। नरेश की जेब से एक बाइक पार्किंग की पर्ची मिली जिससे यह पता चला कि वह धारूहेड़ा पार्किंग में बाइक खड़ी कर यहां पहुंचा था। नरेश के फोन से ही मामले का खुलासा हो पाएगा कि अंतिम बार उसने किससे और क्या बात की थी।
वर्जन
पुलिस को मृतक की जेब से बाइक पार्किंग की पर्ची मिली है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
नरेश कुमार, जांच अधिकारी, गोकल गेट।