रेवाड़ी। होली पर रासायनिक रंगों का उपयोग धड़ल्ले से होता है। इससे त्वचा संबंधी बीमारी भी होती है। नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनु जैन का कहना है कि होली के त्योहार में सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है़। वहीं, किशनलाल पब्लिक महाविद्यालय रसायन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि रंगों के दुष्प्रभाव बताए। सूखी त्वचा और पहले से त्वचा विकार वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी।
त्वचा पर रसायनिक रंग लगाने पर बालों का झड़ना (एलोपेशिया) हो सकता है। रसायनिक रंगों के संपर्क में आंखों में खुजली, आंसुओं का निकलना, आंखों में सूजन और कंजंक्टिवाइटिस की शिकायत हो सकती है।
होली खेलने से पहले क्या करें
नारियल तेल या जैतून का तेल लगाएं। सरसों के तेल से बालों की मालिश करें।
कान के पीछे, उंगलियों के बीच, उंगली के नाखूनों के पास तेल लगाना जरूरी है।
होली खेलते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनें।
यदि कोई जबरन काला ग्रीस लगाता है, तो इससे बचें I
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
5-10 मिनट के लिए चलते हुए पानी (नल) या शावर के नीचे खड़े रहें और खुजली या खरोंच न करें।
नींबू का रस, दही और चंदन का मिश्रण लगाएं।
हल्दी मिलाने से भी अच्छे परिणाम मिलेंगे।
रंग साफ करते समय अत्यधिक स्क्रबिंग न करें। रंगों को धोने के लिए हल्का साबुन उपयोग करें।