संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। ठंड के मौसम में लापरवाही भारी पड़ने लगी है। थोड़ी की चूक से लोग सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल के साथ निजी अस्पतालों में भी इन बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। पेट की बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भी संख्या बढ़ी है।
नागरिक अस्पताल में सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या 200 से 250 तक बढ़ी है। निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। सर्दियों में होने वाली बीमारियों में कॉमन कोल्ड आम है। जुकाम, बार-बार छींक आना, खांसी और कफ इसके लक्षण हैं जो तीन से चार दिनों में ठीक हो जाते हैं। कुछ लोगों में खराश, सिर दर्द की भी शिकायत मिलती है। वहीं इन्फ्लुएंजा (फ्लू) से पीड़ित होने पर बुखार, गले में खराश, सिरदर्द थकान और सांस को कठिनाई होती है। ठंड के मौसम में ब्रोंकाइटिस का भी खतरा बना रहता है। इस बीमारी में फेफड़ों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण मरीज को खांसी और सांस लेने में कठिनाई होती है।
वहीं शादियों के मौसम में मसालेदार भोजन ग्रहण करने से लोग पेट की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। डॉ. गौरव यादव ने बताया कि शादियों का सीजन होने के कारण पेट के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। असंतुलित खानपान के कारण उल्टी, दस्त, गैस, पेट की अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों को शादी समारोह में संतुलित भोजन लेना चाहिए। इसके अलावा टांसिल बढ़ने से पानी पीने पर गले में दर्द महसूस होता है। इस तरह की समस्या होने के बाद खुद उपचार लेने की बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श के बाद ही उपचार लेना चाहिए। वहीं स्ट्रेप थ्रोट बैक्टीरियल इन्फेक्शन होता है। इस संक्रमण के होने से गले में सूजन होता है जिससे दर्द होता है। परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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ठंड के मौसम में बरते यह सतर्कता
सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, गुनगुने पानी का सेवन करें, बाहर भोजन न करें, धूल से बचाव करें, खांसते-छींकते समय मुंह नाक ढकें, बार-बार साबुन से हाथ धोएं। बीमार लोगों से दूरी बनाकर रखें, कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद लें, अदरक की जड़ का इस्तेमाल करें, विटामिनयुक्त पदार्थों का सेवन करें, अदरक और लौंग की चाय पीएं।
वर्जन:
सर्दी के मौसम में अक्सर लोग सर्दी, जुकाम, बुखार और संक्रमण वाली बीमारियों से पीड़ित होते हैं। ठंड शुरू होते ही अगर सावधानी बरती जाए, तो इन बीमारियों से बचाव संभव है। लोगों से सर्दी से बचाव का पूरा ध्यान रखना चाहिए।- डाॅ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ।