रेवाड़ी। अनियमित दिनचर्या, गलत खानपान और नींद की कमी के कारण अब युवा भी उच्च रक्तचाप से पीड़ित होते जा रहे हैं। नागरिक अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में प्रतिदिन अलग-अलग बीमारियों के करीब 900 मरीज आते हैं। इनमें से लगभग 200 मरीजों की बीपी की जांच होती है। डॉक्टर उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को जीवनशैली सुधारने और भरपूर नींद लेने की सलाह देते हैं।
उच्च रक्तचाप के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 17 मई को मनाया जाता है। इस दिन लोगों को ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए जागरूक किया जाता है।
फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने उच्च रक्तचाप को एक साइलेंट किलर बताते हुए कहा कि ऐसी बीमारी है जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। पहले यह समस्या अधिकतर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि अनियमित जीवनशैली, गलत खानपान, तनाव और नींद की कमी को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा जंक फूड, फास्ट फूड और अधिक नमक-तेल वाले भोजन का सेवन अधिक कर रहे हैं।
इसके साथ ही शारीरिक गतिविधियों की कमी भी हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को बढ़ा रही है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना और व्यायाम न करना भी इसके प्रमुख कारणों में शामिल है।
तनाव और मानसिक दबाव उच्च रक्तचाप का बड़ा कारण :
तनाव और मानसिक दबाव भी उच्च रक्तचाप का बड़ा कारण बन रहा है। आज के समय में पढ़ाई, नौकरी और करियर को लेकर युवाओं में तनाव बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा मोबाइल फोन और स्क्रीन टाइम का अत्यधिक उपयोग भी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करने से नींद पूरी नहीं होती, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है।
योग, ध्यान और व्यायाम से मिल सकती है राहत
डॉ. गौरव यादव ने बताया कि कई युवा इस बीमारी से बचाव के लिए योग, मेडिटेशन और नियमित व्यायाम का सहारा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि योग और ध्यान तनाव को कम करने में मददगार हैं और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं। इसके साथ ही संतुलित आहार और समय पर नींद लेना भी बेहद जरूरी है। डॉ. यादव ने सलाह दी कि लोगों को अपने खानपान में हरी सब्जियां, फल और कम नमक वाले भोजन को शामिल करना चाहिए। नियमित व्यायाम, तेज चलना और योग को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। साथ ही मोबाइल और स्क्रीन टाइम को सीमित करना भी जरूरी है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को जागरूक किया जाता है।