रेवाड़ी। नई दिशा, नई उड़ान अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एडीआर सेंटर में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और लैंगिक अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम पर वर्कशॉप और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव अमित वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को न्याय तक पहुंच और विधिक सहायता प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है, और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इस दिशा में लगातार प्रयासरत है।
प्रशिक्षण में किशोर मामलों की प्रक्रिया, संवेदनशील निपटान, जमानत, अपील, आवेदन प्रारूपण, किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष मित्रवत गिरफ्तारी और पेशी, आयु सत्यापन की प्रक्रिया, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल कल्याण समिति और अन्य विभागों के बीच समन्वय पर विशेष चर्चा की गई।
यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से कोई भी बच्चा या उसका अभिभावक निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे बच्चों को उचित विधिक सहयोग प्रदान करता है। संवाद