संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रेवाड़ी-शाहजहांपुर स्टेट हाईवे स्थित भाड़ावास फाटक (लाइन क्रॉसिंग-61) पर ओवरब्रिज व अंडरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। ओवरब्रिज की आधी सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर निर्माण कार्य धीमी गति से चलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद कार्य में तेजी आई है।
हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम (एचएसआरडीसी) की ओर से ओवरब्रिज के निर्माण का करीब 85 प्रतिशत कार्य कर लिया गया है। अब रेलवे की तरफ से कार्य किया जाना बाकी है। करीब 4 माह की देरी से रेलवे की ओर से दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन को 7 घंटे तक ब्लॉक रखने की अनुमति मिली थी। इसके बाद दिनभर ब्लॉक रखकर अंडरपास के लिए कंक्रीट के बॉक्स डालने का काम किया गया था। इससे उम्मीद थी कि अब काम तेज गति से हो सकेगा, लेकिन रेलवे की वजह से राज्य सरकार के हिस्से का काम भी देरी से हो रहा है। कुल मिलाकर, ओवरब्रिज व अंडरपास को तैयार होते 2025 का आधा वर्ष बीत जाएगा।
एचएसआरडीसी की ओर से दिसंबर 2021 में काम शुरू कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार प्रोजेक्ट की डेडलाइन जून-2023 थी, मगर काम देरी से शुरू होने के चलते और देरी होती चली गई। अभी तक इसमें 16 माह की देरी हो चुकी है। अब इसकी डेडलाइन सितंबर 2024 बताई जा रही थी। लेकिन इस अवधि में काम पूरा नहीं हुआ। दिसंबर 2024 तक चर्चा हुई, मगर अब भी काम जून 2025 तक ही पूरा होता नजर आ रहा है। करीब 60 करोड़ रुपये से फोरलेन ओवरब्रिज बना रहा है।
लोगों को आने जाने में हो रही परेशानी
दिसंबर 2021 में फाटक के निर्माण का काम शुरू हुआ था और 2023 के जून तक तैयार होना था। बावल हल्के के 35 गांव इस रोड पर पड़ते हैं जो जाटूवास गांव से शुरू होकर खंडोड़ा गांव तक पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि छोटे-मोटे काम के लिए रेवाड़ी जाना पड़ता है और रेवाड़ी जाने का एकमात्र यही रास्ता है। इस रास्ते के बंद होने की वजह से उनको बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। यहां की 4 कॉलोनी कंपनीबाग, हंस नगर, न्यू आदर्श नगर व परशुराम कॉलोनी की 5 हजार की आबादी प्रभावित होगी क्योंकि लोगों का विभिन्न कामों से यहां आना-जाना रहता है।
सर्विस रोड की चौड़ाई कम छोड़े जाने से परेशानी
देवेंद्र, राजेश, जसवंत, पवन ने बताया कि सर्विस रोड 6 फीट से भी कम रह जाने से भविष्य में समस्याएं होंगी, जिसमें बिजली विभाग के खंबे, पानी की लाइन व सीवर लाइन भी है। इसकी वजह से रास्ता और भी संकरा हो जाएगा, जिससे भविष्य में ना तो फायर ब्रिगेड की गाडी जा सकेगी, ना एम्बुलेंस, बच्चों की स्कूल बसें व कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी नहीं पहुंच पाएंगी। इसे लेकर एसडीएम को जांच सौंपी गई थी, प्रक्रिया आगे बढ़ पाती उसके कुछ दिनों बाद आचार संहिता लग गई और पैमाइश भी नहीं हो पाई। अब कब पैमाइश होगी कुछ पता नहीं है।
वर्जन
भाड़ावास फाटक का जो कार्य बचा है, वह रेलवे का है। एचएसआरडीसी के हिस्से का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जो बाकी कार्य है उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। -सोमवीर दहिया, डीजीएम, एचएसआरडीसी।