संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। अमृत सरोवर योजना के तहत जिले के 17 गांवों में तालाबों की सफाई व सुंदरीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस पर 3 करोड़ 92 लाख रुपये खर्च होंगे। तालाबों की सफाई 4 चरणों में की जाएगी। सबसे पहले तालाबों का दूषित पानी, गाद और गंदगी निकाली जाएगी। इसके बाद तालाबों की गहरी खुदाई की जाएगी, ताकि तालाब ज्यादा से ज्यादा पानी सोख सकें।
तालाबों की सफाई होने से भूमि के अंदर पानी जाएगा और इससे गांव के आसपास का भूजल स्तर सुधरेगा। इन सभी कार्यों के बाद तालाब का तटबंध बनाने का कार्य किया जाएगा, ताकि बड़ी मात्रा में पानी को एक जगह एकत्रित करके रोका जा सके और ज्यादा पानी होने पर भी पानी ओवर फ्लो न हो। तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य भी किया जाएगा। तालाबों के आसपास लाइट लगाई जाएगी। लोगों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था होगी।
जिन गांवों के तालाबों में गांव का दूषित पानी गिरता है, वहां इस पानी को 2 खास तकनीक से साफ किया जाएगा। इसके लिए वेटलैंड टेक्नोलॉजी व सीचेवाल मॉडल के जरिए पानी को पहले साफ किया जाएगा और इसके बाद ही उसे तालाब में छोड़ा जाएगा ताकि तालाब का पानी दूषित न हो और इसका उपयोग सिंचाई आदि और अन्य कार्यों में किया जा सके।
इन गांवों के तालाबों की सुधरेगी दशा
जिले के 17 गांवों में स्थित तालाबों की दशा सुधारी जाएगी। इन गांवों में रोजुवास गांव के भईया वाला तालाब, जाटूवास के जाटूवास मंदिर तालाब, शाहपुरा के मंदिर वाला तालाब, कुंडल के पीर बाबा तालाब, भठेड़ा के शिव मंदिर तालाब, बव्वा के माता वाले तालाब, कोसली के गोसाई व हरदेवा तालाब, जाडरा के बानी वाला तालाब, गुमिना के अशरा वाला तालाब, बेरली कलां तालाब, कंवाली के वाटर सप्लाई के पास वाले तालाब, जयसिंह पुरखेरा के बन्नी वाला तालाब, कांकोरिया के खेड़ावाला तालाब, देहलावास के तालाब, डोहकी के तालवाला तालाब, शामनगर के पीपली तालाब शामिल हैं। इन तालाबों की सफाई व सुंदरीकरण का कार्य पंचायत राज विभाग की ओर से जून तक पूरा किया जाएगा। इन तालाबों में से अधिकतर तालाबों की सफाई का कार्य किया जा चुका है। अब इनके सुंदरीकरण का कार्य शुरू किया गया है।
वर्जन
जिले के 17 गांवों के तालाबों की सफाई व सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। तालाबों की सफाई व सुंदरीकरण से इन गांवों के भूजल स्तर सुधारेगा और इनके पानी का उपयोग सिंचाई और अन्य कार्यों में भी किया जा सकेगा।-नरेंद्र गुलिया, एक्सईएन पंचायती राज विभाग।