संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में बीते 25 दिनों में डेंगू के 4 केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 12 से 15 बुखार पीड़ितों की एलाइजा जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर और गांवों में बुखार पीड़ितों के रक्त की स्लाइड तैयार कर रही है।
इस बार मार्च में ही मामले आ गए हैं, जबकि पिछले वर्ष 3 अप्रैल को पहला केस मिला था। डेंगू के केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए सर्वे शुरू करा दिया है। डिप्टी सिविल सर्जन व जिला मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. अमित यादव ने बताया कि डेंगू के पीड़ितों के लिए सीएचसी में 5-5 बेड लगवाए गए हैं। सिविल में 10 बेड तैयार करवाए जा रहे हैं। अभी तक डेंगू के 4 केस मिले हैं। सिविल अस्पताल में एलाइजा जांच शुरू हो गई है। जिन लोगों में डेंगू के लक्षण नजर आते हैं उनकी एलाइजा जांच कराई जाती है।
अस्पताल में टेमिफोस भी उपलब्ध हैं। गांवों में फागिंग का जिम्मा पंचायत और शहर में नगर परिषद के पास है। पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 411 केस आए थे। इस बार डेंगू का केस न बढ़े, इसके लिए सतर्कता बरती जा रही है। जिले की हर सीएचसी को 50-50 मच्छरदानियां दी गई हैं। हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि 500 मच्छरदानियों का स्टॉक उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। नालियों में कैरोसिन का छिड़काव किया जा रहा है।
सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने की अपील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नगर वासियों से सप्ताह में एक दिन को ड्राई डे के रूप में मनाने की अपील की है। घर में पानी के बर्तनों, कूलर, फूलदान, हौद को खाली करने और उसे सुखाकर ही पानी भरने, पानी के बर्तनों व टंकियों को ढक कर रखने की अपील की है। घर के आसपास और घर की छतों पर गंदगी नहीं होने दें। बारिश का पानी नहीं भरने दें। जहां पानी भरा है, उसमें काला तेल डाल दें। घर से बाहर घूमने जाए तो पूरी बाजू के कपड़ पहने। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की टीम फीवर मास सर्वे के दौरान फैक्ट्री, ईंट-भट्ठे, झुग्गी-झोपड़ी व अन्य क्षेत्रों में पहुंचकर बुखार पीड़ितों के रक्त की स्लाइड बना रही है। सिविल अस्पताल में एलाइजा जांच शुरू हो गई है। पीएचसी में सैंपलिंग नहीं होती है। वहां से सिर्फ सैंपल लिए जाएंगे और जांच सिविल अस्पताल में होगी। -डॉ. अमित यादव, नोडल अधिकारी, डेंगू एवं मलेरिया विभाग