रेवाड़ी। पंचायत राज विभाग की तरफ से जिले की 18 ग्राम पंचायतों में महिला चौपालों का निर्माण किया जाएगा। कुल 75.74 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना की शेष राशि भी जल्द ही ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जाएगी।
यह राशि पंचायत राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को दी जाएगी, जिससे ग्राम पंचायत अपने स्तर पर महिला चौपाल का निर्माण करवाएंगी।
महिला चौपालों के लिए नए भवन नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मौजूद खाली और अनुपयोगी पुराने भवनों का जीर्णोद्धार करके उन्हें नया रूप दिया जाएगा। इस तरीके से निर्माण लागत कम होगी और खाली पड़े भवनों का भी उपयोग हो सकेगा।
पंचायत राज विभाग ने इस कार्य को अगले छह महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। महिला चौपालें गांव की महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सुलभ स्थान प्रदान करेंगी। यहां वे सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में खुलकर भाग ले सकेंगी और अपनी राय व्यक्त कर सकेंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अक्सर अपनी बात रखने के लिए उचित मंच नहीं मिल पाता है। महिला चौपाल इस कमी को दूर करेगी और उन्हें अपनी समस्याओं, विचारों और अनुभवों को साझा करने का अवसर देगी।
ये चौपालें स्वयं सहायता समूहों और अन्य महिला-केंद्रित गतिविधियों के संचालन का केंद्र बनेंगी। महिलाएं कौशल विकास कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगी।
साथ ही अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर सकेंगी और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। इससे उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण होगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
इन गांव में बनेंगे भवन
जिले के नाहड़, गुडियानी, गुरावड़ा व भाड़ावास में महिला चौपाल भवन निर्मित है। इसका जीर्णोद्धार करने का कार्य किया जाएगा। खरसानकी, जैतपुर-शेखपुर, जाटूवास, बलियर कलां, बोलनी, सीहा, धवाना, निमोठ, जाहिदपुर, मुमताजपुर, मुंदड़ा, तिह्मड़ा, नांगल तेजू, नंगल उगरा में खाली पड़े ग्राम पंचायत के विभिन्न भवनों का जीर्णोद्धार करके महिला चौपाल का निर्माण किया जाएगा।
वर्जन
गांव में महिला चौपाल बनने से महिलाओं का काफी फायदा होगा। अभी महिला चौपाल बनाने का कार्य जिले की 18 गांवों में किया जाएगा। -नरेंद्र गुलिया, एक्सईएन, पंचायत राज विभाग, रेवाड़ी।