अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से सीडीपीओ कार्यालय परिसर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरान का द
रेवाड़ी। नारी शक्ति आज किसी क्षेत्र में पीछे नहीं है। अपने अधिकारसें और शक्तियों को पहचानने की जरूरत है। यह बात वन स्टॉप सेंटर (सखी) की प्रभारी ललित कालरा ने अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से सर्कुलर रोड स्थित सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही।
कालरा ने कहा कि महिलाओं के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई गई हैं, ताकि वह उन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं को और भी सशक्त बना सकें। महिलाएं जितनी आत्मनिर्भर बनेंगी, उतना ही उन्हें लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि समाज में जीना है तो खुद ही आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। विशिष्ट अतिथि स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसडर प्रियंका यादव ने कहा कि महिला सशक्तीकरण में सबसे महत्वपूर्ण है उनका शिक्षित और आत्मनिर्भर होना। कोई भी अपराध होने पर निडरता के साथ उसके खिलाफ आवाज उठाएं। अपने हक की लड़ाई स्वयं लड़ें। संविधान ने हमें समानता का अधिकार दिया है। हमें अपने अधिकारों और कर्तव्य के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। जागरूकता ही हमें समाज में एक नई दिशा दे सकती है, इसलिए जागरूक होना बहुत जरूरी है। अगर अपने अधिकार होंगे तभी समाज को भी नई दिशा में लेकर जा सकेंगे।
महिला सशक्तीकरण विषय पर आधारित कार्यक्रम में कार्यक्रम में करीब 85 महिलाओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में सीडीपीओ सुमन का विशेष योगदान रहा।