विश्वविद्यालय में संबोधित करतीं उपाध्यक्ष मीना परमार। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सजग रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के अन्याय, उत्पीड़न या भेदभाव की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने अधिकारों के लिए निडर होकर आवाज उठानी चाहिए। आयोग महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है।
विश्वविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ की ओर से महिला शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्राओं के लिए महिला अधिकारों, कार्यस्थल एवं सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा तथा कानूनी प्रावधानों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयोग की सदस्य सुनीता लोहचब, एसएचओ रेवाड़ी सरिता, नागेंद्र परमार सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
महिला प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. रश्मि पुंडीर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होने चाहिए। आयोग की सदस्य सुनीता लोहचब ने भी महिलाओं से अपनी समस्याएं बिना संकोच आयोग के समक्ष रखने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय की प्रथम महिला डॉ. सीमा मिगलानी ने पहल की सराहना की। कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि परिसर में महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण देना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एसएचओ सरिता ने कानूनी अधिकारों और आपातकालीन हेल्पलाइन के बारे में बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्राएं मौजूद रहीं तथा संवाद सत्र में सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।