संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में संचालित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और डब्ल्यूटीपी (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) को हरा-भरा बनाने की योजना है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एसटीपी और डब्ल्यूटीपी के आसपास पौधरोपण किया जाएगा। इन पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी स्वयंसहायता समूह की महिलाओं को दी जाएगी।
जनस्वास्थ्य विभाग ने प्रथम चरण में जिले के रेवाड़ी, बावल व धारूहेड़ा में स्थित पांच एसटीपी व डब्ल्यूटीपी को चिह्नित किया है। योजना में रेवाड़ी में एक, बावल व धारूहेड़ा में दो-दो एसटीपी व डब्ल्यूटीपी शामिल हैं। यहां पर विभाग की तरफ से 1200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्वयं सहायता समूह की सदस्यों के सहयोग से पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वयं सहायता समूह की सदस्यों की रहेगी। इससे न केवल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि पौधे लगने से पर्यावरण को भी संरक्षित किया जा सकेगा। भुगतान भी किया जाएगा।
पांच जून से चलेगा पौधारोपण के लिए अभियान
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पांच जून से एसटीपी और डब्ल्यूटीपी में पौधारोपण के लिए अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के तहत एसटीपी और डब्ल्यूटीपी में 31 अगस्त तक पौधारोपण किया जाएगा। यह पौधे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की ओर से लगाए जाएंगे। दो साल तक पौधों की देखभाल के लिए भी विभाग की तरफ से समूह की महिलाओं को भुगतान किया जाएगा। इसको लेकर विभाग की तरफ से राशि निर्धारण की जाएगी।
वर्जन:
जनस्वास्थ्य विभाग ने पौधरोपण के लिए पांच एसटीपीटी व डब्ल्यूटीपी का चयन किया गया है। पांच जून से आरंभ होने वाले अभियान के तहत रोपे गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को दी जाएगी।- योगेंद्र परमार, जिला सलाहकार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग