आईटीआई रेवाड़ी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करते अभ्यर्थी। संवाद
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण का माध्यम बना है। इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। गांव नांगल शाहबाजपुर स्थित श्री राधा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं फूल बत्ती और पूजन सामग्री का निर्माण कर आत्मनिर्भर बनी हैं।
श्री राधा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं संगीता, बीना, सनाह और मनीषा ने समूह के माध्यम से फूल-बत्ती एवं पूजन सामग्री निर्माण शुरू किया। इस कार्य से उनकी आय में वृद्धि हुई है। साथ ही आत्मनिर्भर बनी इन महिलाओं का समाज में सम्मान बढ़ा है।
महिलाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया है कि यदि उचित अवसर, मार्गदर्शन और सहयोग मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकती हैं।
आज वे अपने परिवारों की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। ये कार्य महिलाएं जिला कार्यक्रम प्रबंधक आफताब अहमद के नेतृत्व, ब्लॉक इंचार्ज सविता के समन्वय और ग्राम पंचायत की सरपंच मनीषा के सहयोग से कर रही हैं।
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स्वरोजगार अपना आगे बढ़ रही महिलाएं : मनीषा
सरपंच मनीषा ने महिलाओं को समूहों से जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से गांव की कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। सरपंच ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सामाजिक और पारिवारिक कारणों से घर से बाहर निकलकर कार्य करने में संकोच करती हैं। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से चल रहे स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ है और वे स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।