जिले में शराब बंदी की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ने लगी है। किशनगढ़, बालावास, राजपुरा एवं रेवाड़ी की महिलाओं ने रविवार को लघु सचिवालय के बाहर और उपायुक्त आवास पर धरने पर बैठकर चिमटा, मंजीरा एवं थाली बजाकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने ईश्वर से सरकार को सदबुद्धि देने की कामना की। इसके बाद महिलाओं ने शराब बंदी संघर्ष समिति के नेतृत्व में डीडीपीओ डॉ. अमरचंद कौशिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
गौरतलब है कि गांव किशनगढ़ एवं बालावास की महिलाएं गांव के रेलवे स्टेशन के पास स्थित शराब के ठेके हटाने को लेकर इसकी तालाबंदी कर चुकी हैं। रविवार को दिए गए ज्ञापन में भी महिलाओं ने जल्द से जल्द यहां से ठेका हटाने की मांग मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से की है। नई आबादी से नीलम और सुमन के नेतृत्व में लगभग 25 महिलाएं धरना स्थल पर पहुंची तथा यहां पर उन्होंने खाली थाली और चम्मच बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। धरने में मनीष भारद्वाज राजगढ़, पोहप सिंह पंच बूढपुर, किशनगढ़ से गुड्डो, ज्योति, मीना, चंचल, रोहित, दीपक, रविकांत, कपिल बालावास से -सरोज देवी मंजू, मीरा, शर्मिला, गीता, कमलेश, भरपाई, इंद्रराजपुरा से सूबेदार खेमचंद, शांति, रामकला, प्रमिला, निशा, तारादेवी, एवं संतरा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित थी।
शराब ठेका नहीं हटने तक जारी रहेगा धरना प्रदर्शन
शराब बंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव ने ज्ञापन देने से पूर्व समिति के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक इन गांवों में शराब ठेके हटाने की मांग सिरे नहीं चढ़ती यह घरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस शराबबंदी अभियान के संयोजक अनिल आर्य पाल्हावास ने कहा कि किशनगढ़- बालावास से शराब का ठेका हटाने के साथ यह मुहिम पूरे जिले में शुरू की जाएगी। धरने पर एडवोकेट कैलाश चंद, दिनेश कपूर, आरके भगत सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे।