सरकार एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा संपत्ति कुर्क एवं अन्य कार्रवाई की धमकी पर जाट आंदोलनकारियों ने समाज के युवा एवं महिलाएं के भी आंदोलन में कूद जाने की चेतावनी दी है। यही नहीं आंदोलनकारियों ने इसके लिए पूरी तरह सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार बताया है। पांच जून से प्राणपुरा में धरने पर बैठे आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे जीतराम लौर ने कहा कि सरकार के मंत्री एवं डीजीपी एवं हिसार रेंज के आईजी द्वारा जाटों के खिलाफ कार्रवाई के बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है,यदि युवा एवं महिलाएं भी आंदोलन में शामिल हो गई तो स्थिति बेकाबु हो सकती है। जीतराम लौर ने कहा कि रेवाड़ी में फरवरी माह के दौरान हुआ आंदोलन भी पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं सरकार के इन बयानों से समाज के युवाओं में गुस्सा है।
प्राणपुरा की हरिजन बस्ती भी जाटों के साथ धरने पर
प्राणपुरा में जाटों को राजस्थान के जाटों, बावल के गुर्जर एवं एससी समाज के लोगों के समर्थन के बाद बृहस्पतिवार को प्राणपुरा की हरिजन बस्ती के लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को अपना समर्थन धरने पर बैठकर दिया। जीतराम ने कहा कि भारी गर्मी को देखते हुए लोगों द्वारा धरने पर बैठे लोगों को ठंडा पानी भी पिलाया गया। इस अवसर पर धरने के संरक्षक चौधरी माडाराम, शेरसिंह कटारिया, हीरालाल एवं रामजीलाल सहित जाट समाज के अनेक लोग धरने पर बैठे रहे।