रेवाड़ी। जिले में फरवरी के अंत में लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण गेहूं की फसल में नुकसान होने की संभावना प्रबल हो गई है। गर्मी के चलते गेहूं के दाने सूखने की संभावना बढ़ गई है। इसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर पड़ सकता है।
जिले में बढ़ते तापमान ने एक तरफ लोगों को एसी व कूलर चलाने पर मजबूर कर दिया है तो वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में करीब 35 हजार हेक्टेयर गेहूं व 70 हजार हेक्टेयर सरसों की फसल की बिजाई की गई है। तापमान बढ़ने से गेहूं की पछेती फसलों में नुकसान होने की ज्यादा संभावना है। फसल की बालियों में आए दानों के अंदर नमी होती है। तापमान बढ़ने से नमी सूखने लगती है। इसके कारण दाने कमजोर हो जाते हैं और निश्चित समय से पहले ही पक जाते हैं। इसके कारण बीज सही से विकसित नहीं हो पाता, इससे दाना भी कमजोर हो जाता है। उसका वजन व पौष्टिकता भी घट जाती है। इसे लेकर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को गेहूं व सरसों की फसल को अधिक तापमान से बचाने के लिए खेतों में सुबह-शाम हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है। ताकि फसलों के दानों को तापमान से नुकसान न पहुंचे और मिट्टी में भी नमी बची रहे। इससे फसल खराब होने से भी बचेगी व पैदावार पर भी खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पछेती फसल को होगा नुकसान
लगातार बढ़ते तापमान से गेहूं की फसल में नुकसान होने की संभावना है। इसके कारण सीधा पैदावार पर असर पड़ेगा। इससे सबसे ज्यादा पछेती फसल को नुकसान होगा। दानों के अंदर नमी होती है, जो लगातार तापमान में वृद्धि होने से सूख जाता है। इससे दाना कमजोर होता है उसका सही से विकास नहीं हो पाता।
- डॉ. अनिल कुमार, एडीओ रेवाड़ी।
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अधिक तापमान गेहूं की फसल पर डाल सकता है प्रतिकूल प्रभाव
इस समय फसल को बहुत गर्मी की जरूरत नहीं है। यदि तापमान कई दिनों तक सामान्य से ऊपर रहता है, तो यह गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसका सीधा प्रभाव पैदावार पर पड़ेगा। इससे बचाव के लिए किसान सुबह-शाम को फसल में हल्की सिंचाई करते रहें, ताकि फसल को नुकसान न हो।
- गजराज सिंह यादव, पूर्व सिंचाई अधिकारी रेवाड़ी।