मंगलवार रात हुई बूंदाबांदी के बाद बुधवार दिन में दोपहर को भी बौछार हुई। तीन दिनों से आसमान में छाए बादलों के चलते पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम व न्यूनतम तापमान में करीब पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को न्यूनतम तापमान 6.0 और अधिकतम 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10.0 और अधिकतम 19.0 डिग्री दर्ज किया गया था। मंगलवार रात से शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी से जिला में सरसों व गेहूं की फसलों को लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार हल्की बरसात किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से पड़ रही ठंड से रुकी हुई ग्रोथ दोबारा शुरू हो जाएगी।
दिनभर हुई बौछारों से किसानों के चेेहरों पर खुशी है। किसानों का कहना है कि इस समय फसलों को हलकी बरसात की जरूरत होती है। ऐसे में बुुधवार को दिनभर हुई बूंदाबांदी फसलों के लिए काफी लाभ दायक है। इस समय रेवाड़ी जिला में करीब 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की फसल व करीब 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बिजाई की गई है। हल्की बरसात से दोनों की फसलों को लाभ मिलेगा। मौसम विभाग द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार जिला के किसानों ने सिंचाई भी रोक दी थी। हल्की बरसात से फसलों की बढ़वार तेजी से होगी। जिलेभर के किसानों को इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक राजेश सिहाग ने बताया कि इस समय बूंदाबांदी से फसलों को दोगुना लाभ होगा। अधिक ठंड के कारण रुकी हुई फसलों की ग्रोथ दोबारा शुरू होगी। जिला की प्रमुख फसल सरसों में इससे अधिक लाभ होगा। लेकिन कोहरा होने की स्थिति में अगेती सरसों की फसल प्रभावित हो सकती है। लेकिन गेहूं की फसल की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है।