संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जवाहर लाल नेहरू नहर में दो दिनों से छोड़ा जा रहा पानी वीरवार को बंद कर दिया गया। इससे शहरवासियों को पेयजल संकट जूझना पड़ सकता है। दो दिन में सिर्फ 40 मिनट तक जलापूर्ति की जा रही है जिससे लोग परेशान हैं। बहुत से लोग पानी खरीद रहे हैं। इसका लाभ उठाते हुए टैंकर चालक 5 हजार लीटर पानी के लिए 700 से 1000 रुपये वसूल रहे हैं।
नहरी पानी का शेड्यूल बिगड़ने से कालाका व लिसाना में बने वाटर टैंक भर नहीं पाए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग वाटर स्टोरेज क्षमता को बढ़ाने के लिए 8 वाटर टैंक बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए करीब 80 एकड़ जमीन तलाश की जा रही है लेकिन जमीन नहीं मिल रही है।
शहर के आसपास वाले गांवों में किसानों से जमीन खरीदने के लिए विभाग ने ई-भूमि पोर्टल पर विज्ञापन दिया है। इसमें 4 गांवों के किसानों से जमीन देने के लिए सहमति मांगी गई है। हालांकि अभी तक कुछ खास आवेदन पोर्टल पर नहीं आए हैं। इससे विभाग की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल रेवाड़ी शहर में भूजल खारा है जिससे लोग पेयजल के लिए नहर पर निर्भर हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग के पास वाटर स्टोरेज की क्षमता केवल इतनी है कि उससे 15 दिन तक लगातार सप्लाई की जा सकती है। अब नहरबंदी 24 से बढ़कर 30 दिन तक पहुंच गई है। भविष्य में यह समय बढ़ सकता है।
रेवाड़ी शहर के लोग एक माह से पेयजल संकट झेल रहे हैं। रेवाड़ी की पेयजल सप्लाई पर पंजाब के साथ चल रही भाखड़ा जल विवाद का भी असर पड़ा है। रेवाड़ी शहर को भाखड़ा से भी करीब 30 प्रतिशत पानी मिलता था। लेकिन उसमें कटौती किए जाने से दिक्कत बढ़ गई है।
2 करोड़ लीटर पानी की हर रोज जरूरत
शहरी जनसंख्या ढाई लाख से अधिक है। जिसके अनुसार हर रोज 2 करोड़ लीटर पानी की खपत होती है। दोनों जगह से पानी की सप्लाई के लिए कॉलोनियों में बूस्टिंग स्टेशन बने हैं। इन बूस्टिंग स्टेशनों के जरिए ही कॉलोनियों में पानी की सप्लाई मिलती है।
कालाका जलघर... पानी की क्षमता
- टैंक नंबर 1-134.22 लाख गैलन
- टैंक नंबर 2-140.72 लाख गैलन
- टैंक नंबर 3-120.96 लाख गैलन
- टैंक नंबर 4-103.31 लाख गैलन
- टैंक नंबर 5-180.91 लाख गैलन
वर्जन:
वीरवार को नहर में पानी आना बंद हो गया है। दो दिन तक नहर चलने पर टैंकों को भरा गया है ताकि पानी की राशनिंग एक महीने तक चल सके। यदि एक महीने के अंदर नहर में पानी छोड़ा जाता है तो आने वाले समय पानी की सप्लाई का समय बदला भी जा सकता है।
- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग