संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सोनीपत के खुबडू हेड से जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ दिया गया है। जिले के दोनों जलघरों में 18 मार्च को पानी पहुंच जाएगा। इसके बाद 22 मार्च से नियमित जलापूर्ति होने की उम्मीद है।
वाटर टैंकों को भरने में 8 से 10 दिन का समय लगता है। लिसाना में 3 और कालाका गांव में 5 वाटर टैंक बने हुए हैं। वाटर टैंकों में पानी का गेज बढ़ते ही सप्लाई को नियमित करने की कोशिश रहेगी। अभी एक माह से शहरवासियों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। अब तो वाटर टैंक भी सूख चुके हैं, जिससे कई बाहरी कॉलोनियों में तो दो दिन में भी पानी नहीं मिल रहा। इससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अतिरिक्त वाटर टैंक के लिए नहीं मिल रही जमीन
कालाका से 70 प्रतिशत शहर को पानी की सप्लाई होती है। यहां पर पानी का स्टोरेज करने के लिए 5 वाटर टैंक बनाए हुए हैं। इन वाटर टैंकों में पानी स्टोरेज कर शहर की विभिन्न कॉलोनियों में बने बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से घरों तक सप्लाई दी जाती है। यहां पर अब जितने टैंक हैं, उनमें 15 से 20 दिन का ही पानी भंडारण किया जा सकता है। वर्तमान में नहर के बंद होने का समय ज्यादा है, इसलिए नियमित पेयजल सप्लाई देना बड़ी समस्या है। गर्मी में नहरी पानी के बंद होने का समय 24 दिन का है, लेकिन हर बार शेड्यूल गड़बड़ा जाता है। इस वजह से लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए लंबे समय से एक अतिरिक्त वाटर टैंक निर्माण के लिए शहर के नजदीक लगते गांवों में जमीन ढूंढी जा रही है। मगर विभाग को अब तक जमीन नहीं मिल सकी है। अब ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भी जमीन खरीद की जा रही है। अतिरिक्त वाटर टैंक नहीं बनने तक 70 प्रतिशत शहर को अक्सर पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा।